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अरविंद केजरीवाल की गोवा पर नजर, कितनी ताकतवर है आम आदमी पार्टी?

आम आदमी पार्टी गोवा में पिछले दो विधानसभा चुनाव में लड़ चुकी है। इन दोनों ही चुनावों में पार्टी को लगभग 7 फीसदी वोट शेयर मिले हैं। ऐसे में पार्टी अभी से आगामी चुनाव की तैयारियों में जुट गई है।

Arvind Kejriwal in goa

गोवा में अरविंद केजरीवाल। Photo Credit- PTI

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2 अक्तूबर 2012 को अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी ने पिछले लगभग 14 सालों में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल कर लिया है। इस दरमियान पार्टी की 11 साल तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार रही। पंजाब में 'आप' की 2022 से सरकार है। इसके अलावा पार्टी ने मजबूती से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और गोवा के विधानसभा चुनाव लड़े हैं। इन राज्यों में से आम आदमी पार्टी ने सबसे मजबूत मौजूदगी गुजरात, उत्तराखंड और गोवा में दर्ज करवाई। इन तीनों ही राज्यों में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल एक साल पहले से ही तीनों राज्यों की चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। 

 

इस सिलसिले में अरविंद केजरीवाल रविवार (1 फरवरी, 2026) को गोवा के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने AAP की राज्य प्रभारी आतिशी और गोवा के पार्टी अध्यक्ष वाल्मिकी नायक के साथ पार्टी नेताओं के साथ बैठक की, चुनाव को लेकर दिशानिर्देश दिए और चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। बैठक के बाद केजरीवाल ने गोवा के फोंडा स्थित प्रसिद्ध शांतादुर्गा मंदिर में जाकर दर्शन किए। साथ ही उन्होंने चर्च में जाकर ईसाइ समुदाय से मुलाकार की। केजरीवाल की सक्रियता से यह तय हो गया है कि आम आदमी पार्टी गोवा विधानसभा के चुनाव मजबूती से लड़ेगी। ऐसे में आइए जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल की गोवा पर नजर क्यों है और राज्य में आम आदमी पार्टी कितनी ताकतवर है...

 

 

 

अरविंद केजरीवाल का गोवा दौरा

गोवा की राजनीति में बदलाव के मकसद से आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल 31 जनवरी, 2026 को पणजी पहुंचे। अपने दौरे में उन्होंने राज्य समिति के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की। यह बैठक 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का स्पष्ट संकेत है। बैठक में गोवा के कई स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में राज्य स्तर के नेताओं ने कहा कि गोवा में जमीन का गलत इस्तेमाल हो रहा है। खेती की खाजान जमीन को नुकसान पहुंच रहा है और झीलों व नदियों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। 

 

पार्टी नेताओं ने केजरीवाल के सामने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों और बिना योजना के विकास कार्यों की वजह से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है और लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि आम आदमी पार्टी की राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता के लिए है। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं को जोड़ने और जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी गोवा में लंबी और मजबूत राजनीतिक मौजूदगी बनाना चाहती है।

 

राज्य स्तरीय मुद्दे उठाने का संकल्प

बैठक में दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा कि गोवा की जनता लंबे समय से एक ईमानदार विकल्प की तलाश में है। राज्य में पर्यटन होने के बावजूद यहां बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इसी बैठक में तय हुआ कि आम आदमी पार्टी गोवा की इन समस्याओं को अपने एजेंडे में प्रमुखता से उठाएगी। 

 

पंजाब में पार्टी की सरकार के कामों का भी जिक्र हुआ। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे क्षेत्रों में किए गए बदलावों को उदाहरण के तौर पर पेश किया गया। नेताओं का कहना है कि इसी तरह का मॉडल गोवा में भी लागू किया जा सकता है। आम आदमी पार्टी अब गांव, वार्ड और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर रही है। स्थानीय नेताओं को आगे लाने और जनता के बीच लगातार पहुंच बनाने की योजना है। पार्टी 2027 के चुनाव में गोवा में बड़ा बदलाव लाने की रणनीति पर काम कर रही है।

 

इससे पहले अरविंद केजरीवाल गुजरात दौरे पर गए थे। अपने गुजरात दौरे पर उन्होंने बीजेपी सरकार को घेरते हुए इसे किसान विरोधी, भ्रष्टाचारी बताया था। उन्होंने किसानों से जुड़े कई मुद्दों को उठाकर राज्य में स्थानीय मुद्दों की नीव रख दी, जिसपर राज्य स्तर के नेताओं को चलना है।

'उम्मीद की नजर से देख रहे हैं गोवावासी'

अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'गोवा में पिछले 15 साल से बीजेपी की सरकार है। लोग बीजेपी सरकार से बहुत दुखी हैं। कहीं स्वास्थ्य वर्कर तो कहीं किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी तरफ पंजाब में AAP सरकार ने 10 लाख तक मुफ्त इलाज की योजना शुरू की है, वहां मुफ्त बिजली मिल रही है, शानदार सरकारी स्कूल बन रहे हैं। इसलिए गोवा के लोग भी अब आम आदमी पार्टी की तरफ उम्मीद की नजर से देख रहे हैं।'

 

 

 

उन्होंने आगे कहा, 'गोवा के लोग स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बहुत ज़्यादा परेशान हैं। सामान्य सी बीमारी के लिए भी GMC जाना पड़ता है लेकिन वहां आसानी से इलाज नहीं मिलता है। मैं अपील करता हूं कि पंजाब जैसी ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ यहां भी शुरू की जाए ताकि लोगों को मुफ्त इलाज मिल सके। मैंने फोंडा के लोगों को भरोसा दिलाया है कि अगर वह आगामी उपचुनाव में AAP का MLA बनाते हैं तो उनके यहां भी व्यवस्थाएं अच्छी होंगी।'

गोवा में आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी ने गोवा में सबसे पहली बार 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। अपने पहले ही चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भले ही कोई सीट नहीं जीती लेकिन उसने राज्य में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवा दी। राज्य की 40 विधानसभा सीटों में से पार्टी 39 सीटों पर लड़ी थी, AAP को 6.27% वोट शेयर मिले। इसी चुनाव में बीजेपी को जहां 32.48% औक कांग्रेस को 28.35% वोट शेयर मिला। चुनाव बाद आम आदमी पार्टी की स्ट्रेटजी की तारीफ हुई, जिससे कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा।  

 

 

इसके बाद 2022 में गोवा में विधानसभा चुनाव हुए। अपने पहले चुनाव में 6.27 फीसदी वोट शेयर पाकर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल उत्साहित थे। इस बार पार्टी को गोवा में कुछ बेहतर करने की उम्मीद थी। जब गोवा के चुनाव संपन्न हुए तो पार्टी में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। 39 सीटें पर लड़ी आम आदमी पार्टी ने दक्षिण गोवा की दो सीटें- वेलिम और बेनौलिम जीत ली थी। इसके साथ ही पार्टी ने गोवा विधानसभा में प्रवेश कर लिया। इस चुनाव में AAP को 6.77% वोट शेयर मिला। पार्टी के वोट शेयर में भले ही बहुत ज्यादा इजाफा नहीं हुआ लेकिन मामूली बढ़त जरूर मिली।

 

ऐसे में गोवा के आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अपने पिछले दो चुनावों से सीख लेते हुए सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। 


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