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बिहार में हराया, तेलंगाना में जिताया, औवैसी-कांग्रेस का यह कैसा रिश्ता?

बिहार के सीमांचल में असदुद्दीन औवैसी की पार्टी ने कांग्रेस और महागठबंधन को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। वहीं, तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट पर AIMIM ने कांग्रेस की जीत में अहम भूमिका निभाई।

Asaduddin Owaisi

असदुद्दीन औवैसी, Photo Credit: AIMIM

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बिहार विधानसभा चुनावि के नतीजों में विपक्षी गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। एनडीए को फिर से बिहार की जनता ने प्रचंड बहुमत के साथ चुना। इन नतीजों के बाद से विपक्षी खेमे में उथल-पुथल मची हुई है। कई लोग विपक्ष पर एकजुट होकर चुनाव ना लड़ने का आरोप लगा रहे हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ा और कई सीटों पर महागठबंधन का खेल बिगाड़ दिया। यही AIMIM पार्टी है जिसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को तेलंगाना के कांग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उपचुनाव में जीत के बाद धन्यवाद कहा।

 

बिहार विधानसभा के साथ-साथ तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट पर भी उपचुनाव हुए। इन चुनावों में कांग्रेस को 24,729 वोटों के भारी अंतर से जीत मिली। इन चुनावों में कांग्रेस की मुख्य लड़ाई भारत राष्ट्र समिति (BRS) की उम्मीदवार मगंती सुनीता से था। इन चुनावों में कांग्रेस मजबूत स्थिति में नहीं थी लेकिन AIMIM ने औपचारिक तौर पर कांग्रेस को समर्थन दिया और कांग्रेस के लिए प्रचार भी किया। मुस्लिम बहुल इस सीट पर AIMIM के समर्थन के बाद कांग्रेस लड़ाई में BRS से आगे निकल गई।

 

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बिहार में महागठबंधन में नहीं मिली जगह

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM ने महागठबंधन से गुहार लगाई थी कि उन्हें भी गठबंधन में जगह दी जाए लेकिन महागठबंधन की पार्टियों ने उन्हें शामिल नहीं किया। महागठबंधन के इस रुख के बाद AIMIM ने 25 से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और इन सीटों पर महागठबंधन को अच्छा-खासा नुकसान पहुंचाया। चुनावी नतीजे आए तो AIMIM को 5 सीटें मिलीं। वहीं कांग्रेस पार्टी सिर्फ 6 सीटों पर ही सिमट गई। AIMIM को 1.85 प्रतिशत वोट मिले, जिससे महागठबंधन को कई सीटों पर नुकसान पहुंचा।

इन 5 सीटों पर AIMIM को मिली जीत

बहादुरगंज-तौसीफ आलम ने कांग्रेस के मोहम्मद मसावर आलम को 28,726 वोटों से चुनाव हरा दिया।

जोकिहाट- इस सीट पर पार्टी उम्मीदवार मुर्शिद आलम ने 83,737 वोट हासिल कर 28,803 वोटों से चुनाव जीता।

अमौर- इस सीट से अख्तरुल ईमान ने 10,08,36 पाकर 38,928 वोटों से जीत हासिल की।

बायसी- इस सीट पर AIMIM के गुलाम सरवर ने 92,766 हासिल करते हुए 27,251 वोटों से चुनाव जीत लिया।

कोचाधामन- इस सीट पर AIMIM के सरवर आलम ने 81,860 वोट हासिल करते हुए 23,021 वोटों से चुनाव जीत लिया।

 

बिहार में औवैसी ने पहुंचाया नुकसान

जानकारों का मानना है कि AIMIM ने महागठबंधन को 25 के करीब सीटों पर नुकसान पहुंचाया है। बिहार के सीमांचल में किशनगंज, कटिहार, अररिया और पूर्णिया जिले आते हैं, जिनमें कुल 24 विधानसभा सीटें हैं। इन सीटों पर मुस्लिम निर्णायक भूमिका में हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र को महागठबंधन के लिए मजबूत गढ़ माना जाता रहा है लेकिन इन चुनावों में एनडीए की हवा में यह गढ़ भी साफ हो गया। इस क्षेत्र की 24 में से 14 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज कर ली है। कांग्रेस को सिर्फ 4 और आरजेडी को सिर्फ एक सीट मिली।

 

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इस क्षेत्र में अगर कांग्रेस और आरजेडी, AIMIM को साथ लेकर चलतीं तो शायद नतीजे कुछ और होते। जानकारों का मानना है कि AIMIM के कारण ही 2020 के चुनावों में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नहीं बन पाए थे। AIMIM ने महागठबंधन को पिछली बार भी नुकसान पहुंचाया था और एनडीए इस मुस्लिम बहुल इलाके में 12 सीटें जीतने में कामयाब रहा था। AIMIM के पांच विधायक चुने गए थे लेकिन बाद में चार तेजस्वी यादव की पार्टी में शामिल हो गए थे। AIMIM ने तेजस्वी की पार्टी का 'M-Y' समीकरण फेल कर दिया है और मुस्लिम वोटों में सेंध लगाई है।

 

बिहार में हराया तेलंगाना में बने जीत की वजह

तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट पर भी चुनाव बिहार के साथ ही हुए। बिहार में AIMIM से परहेज करने वाली कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना में AIMIM से औपचारिक रूप में समर्थन लिया और AIMIM के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। दोनों ने मिलकर प्रचार किया और इसका नतीजा बड़े अंतर से जीत और बीजेपी की जमानत जब्त के रूप में सामने आया। इस सीट पर AIMIM कांग्रेस की मजबूरी थी क्योंकि करीब 25 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता सीट पर निर्णायक भूमिका में थे। इन चुनावों में कांग्रेस के लिए AIMIM का समर्थन मिलना गेम चेंजर साबित हुआ।

 

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किंग मेकर बने औवैसी

जुबली हिल्स सीट पर कांग्रेस के नवीन यादव की जीत के पीछे औवैसी ब्रदर्स किंग मेकर रहे और कांग्रेस भी यह बात जानती है। यही कारण है कि नवीन यादव को बधाई देते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी औवैसी ब्रदर्स को शुक्रिया कहना नहीं भूले। उन्होंने असदुद्दीन औवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी को इस जीत में अहम भूमिका निभाने के लिए शुक्रिया कहा। सीएम रेड्डी ने कहा, 'AIMIM ने कांग्रेस के उम्मीदवार नवीन यादव के लिए जमकर प्रचार किया और इसकी वजह से हमें बड़ी जीत मिली। मैं इस जीत के लिए असदुद्दीन औवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी को भी धन्यवाद देना चाहूंगा' जुबली हिल्स में तो औवैसी ब्रदर्स ने कांग्रेस की नैया पार लगा दी लेकिन बिहार के सीमांचल में कांग्रेस की नैया को डूबो दिया। 


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