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रामजी गौतम ने कैसे ली आकाश आनंद की जगह? 5 पॉइंटस में समझिए

रामजी गौतम ने आकाश आनंद की जगह ली है। आकाश आनंद बसपा से ही निष्कासित हो गए हैं। क्यों उन्हें ये जिम्मेदारी मिली, समझिए वजहें।

Ramji Gautam

BSP के राष्ट्रीय समन्वयक रामजी गौतम। (Photo Credit: Social Media)

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) में मायावती ने संगठनात्मक बदलाव किए हैं। बसपा के इकलौते सांसद रामजी गौतम ने सोचा भी नहीं होगा कि मायावती उन्हें वह जगह देने वाली हैं, जिस पर उनके भतीजे आकाश आनंद कायम हैं। दशकों से रामजी गौतम बसपा के संगठन से जुड़े काम देखते रहे हैं,  उन्हें दूसरी बार बसपा का राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया है।  

राज्यसभा सांसद रामजी रविवार को जब लखनऊ में बसपा दफ्तर पहुंचे तो मायावती ने उन्हें मंच पर बुलाया और अहम जिम्मेदारी सौंपी। आकाश की बसपा में राह मुश्किल लग रही है। मायवती ने आरोप लगाया है कि वह अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के इशारे पर काम कर रहें हैं, इसलिए निकाले जा रहे हैं। 

रामजी गौतम, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी हैं। मायावती ने ऐलान किया कि पार्टी के उपाध्यक्ष आनंद कुमार बने रहेंगे और रामजी गौतम नेशनल कॉर्डिनेटर होंगे। मायावती ने ऐलान किया कि दोनों नए राष्ट्रीय समन्वयक के तौर पर काम करेंगे। आकाश के पिता, आनंद कुमार हैं।

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कौन हैं रामजी गौतम?

रामजी गौतम यूपी के लखीमपुर खीरी जिले से आते हैं। वह दूसरी बार बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक का पद संभाल रहे हैं। वह दलित राजनीति से जुड़े रहे हैं और बीआर आंबेडकर और कांशीराम से प्रभावित रहे हैं। साल 1990 में वह बसपा में शामिल हुए और 3 साल के भीतर ही बूथ स्तर के अध्यक्ष बनाए गए।

1. 1990 से ही संगठन से जुड़े हैं रामजी गौतम
रामजी गौतम ने लखीमपुर में पार्टी के सेक्टर-स्तर के अध्यक्ष और विधानसभा इकाई के महासचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। उनके पास मार्केटिंग और प्रोडक्शन में एमबीए की डिग्री भी है। पहले वह एक पॉलिटेक्निक संस्थान में गेस्ट लेक्चरर के तौर पर काम करते थे, बाद में रिलायंस ग्रुप में शामिल हो गए।

2. संगठन के लिए दांव पर लगाया करियर
रामजी गौतम पंजाब में बसपा के लिए काम किया। उन्होंने नौकरी छोड़ी और बसपा के पूर्णकालिक सदस्य हो गए। साल 2014 में वह मायावती से मिले। उन्हें उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड का प्रदेश प्रभारी बनाया गया। उन्होंने राजनीति के लिए अपना करियर ही दांव पर लगा दिया। 

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3. बसपा के 'चाणक्य' हैं रामजी गौतम
2014 में ही उन्हें पुवायां विधानसभा सीट के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। 2016 में उन्हें तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल का प्रभारी बनाया गाय। 2 साल तक उनके पास यह पद रहा। आंध्र प्रदेश और तेंलगाना में भी उन्हें यही जिम्मेदारी मिली। 

4. चुनावी रणनीति साधने में हैं माहिर
2016 में रामजी गौतम को उपाध्यक्ष बनाया गया। 2019 में फिर आनंद कुमार को उपाध्यक्ष बना दिया। आकाश आनंद राष्ट्रीय समन्वयक बन गए। 2022 में गौतम केंद्रीय समन्वयक बने और उन्हें दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया।

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5. आकाश आनंद का विकल्प बन गए रामजी गौतम
साल 2018 में राजस्थान विधानसभा चुनाव में बसपा ने 6 सीटें जीतीं, वह तब राज्य प्रभारी रहे। 2020 में बसपा ने रामजी गौतम को राज्यसभा के लिए नामित किया। साल 2019 में 9 सांसदों वाली बसपा के वह इकलौते सांसद हैं, वह भी राज्यसभा से। आकाश आनंद बाहर किए गए हैं, देखने वाली बात ये है कि मायावती उन्हें दूसरी बार मौका देती हैं या नहीं। अभी बसपा रामजी गौतम भरोसे है। 

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