इस साल पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी (पांडिचेरी) , असम में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में भारतीय जनता पार्टी मजबूत है लेकिन दक्षिण भारत के राज्यों में पार्टी अभी भी संघर्ष कर रही है। वहीं, देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस दक्षिण भारत में बीजेपी की तुलना में ज्यादा मजबूत है। हालांकि, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी कांग्रेस गठबंधन के सहारे है।
तमिलनाडु में कांग्रेस द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के साथ गठबंधन में है लेकिन पार्टी सरकार में सहयोगी नहीं है। कांग्रेस डीएमके के सहारे ही तमिलनाडु में है और अभी कांग्रेस आलाकमान डीएमके के साथ गठबंधन को लेकर चर्चा कर रही है। कांग्रेस में एक धड़ा डीएमके के साथ सत्ता गठबंधन करना चाहता है लेकिन डीएमके कांग्रेस को सरकार में सहयोगी बनाने के लिए तैयार नहीं है। 2021 में कांग्रेस को डीएमके ने सिर्फ 25 सीटें ही दी थी।
तमिलनाडु की तरह ही पुडुचेरी में भी डीएमके अब बड़े भाई की भूमिका निभाना चाहती है। कांग्रेस के साथ 2021 में डीएमके ने चुनाव लड़ा था लेकिन उस समय डीएमके ने कांग्रेस से कम सीटों पर चुनाव लड़ा था।
2021 में पुडुचेरी में कांग्रेस, डीएमके, वीसीके और सीपीआई ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने 15 सीटों पर, डीएमके ने 13 सीटों पर, वीसीके और सीपीआई ने एक-एक सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।
2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 21 सीटों पर तो डीएमके ने 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। 2016 में कांग्रेस पार्टी ने अकेले 15 साीटों पर जीत दर्ज की थी और सरकार बनाई थी लेकिन 2021 चुनाव से पहले कांग्रेस के चार विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी और कांग्रेस सरकार गिर गई थी।
2026 में क्या हो सकती है स्थिति?
बीते दो चुनावों का रिकॉर्ड देखें तो डीएमके अपना जनाधार लगातार बढ़ा रही है और कांग्रेस पुडुचेरी में भी लगातार कमजोर हो रही है। 2016 में कांग्रेस 15 सीटों पर जीती थी लेकिन 2021 में कांग्रेस 2 सीटों पर सिमट गई थी। वहीं डीएमके 2021 में कांग्रेस से कम सीटों पर लड़कर भी कांग्रेस से ज्यादा सीटें जीतकर लाई थी।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2021 के नतीजे
अब डीएमके पार्टी 2026 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है। डीएमके नेताओं का कहना था कि बीते चुनावों में उनकी पार्टी का प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी के मुकाबले कहीं बेहतर है, इसलिए उनकी पार्टी को कांग्रेस से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका दिया जाना चाहिए। डीएमके के कई नेताओं ने पार्टी के एक कार्यक्रम में सार्वजनिक तौर पर यह मांग रखी। हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एकमात्र लोकसभा सीट अपने पास रखी थी और उस पर जीत भी दर्ज की थी।
कांग्रेस तमिलनाडु और पुडुचेरी में डीएमके के साथ चुनाव लड़ने के मूड में है लेकिन पार्टी डीएमके से ज्यादा सीटों की मांग कर रही है। कांग्रेस पुडुचेरी में तो डीएमके को छोटे भाई की भूमिका में रखने की कोशिश कर रही है लेकिन तमिलनाडु में भी डीएमके से ज्यादा सीटों की मांग कर रही है। कांग्रेस नेतृत्व इस पर कई बैठकें भी कर चुका है। आलाकमान से निर्देश मिलने के बाद पुडुचेरी कांग्रेस ने एक यात्रा भी शुरू कर दी है।
तमिलनाडु में कुल 234 विधानसभा सीटें हैं। 2021 में कांग्रेस को सिर्फ 25 सीटें मिली थीं, जिनमें 18 सीटों को कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। अब कांग्रेस 35–40 सीटों की मांग कर रही है। डीएमके कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं है।