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मोहम्मदपुर से माधवपुर, क्या दिल्ली में बदलेगा गांव का नाम?

दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के साथ नाम बदलने का सिलसिला शुरू हो रहा है। मोहम्मदपुर का नाम माधवपुरम और नजफगढ़ का नाम नाहरपुर करने पर विचार चल रहा है।

Delhi CM Rekha Gupta । Photo Credit: PTI

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता । Photo Credit: PTI

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भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल शर्मा ने गुरुवार को कहा वह मोहम्मदपुर का नाम माधवपुर करने के लिए कोशिश करेंगे। शर्मा ने कहा, 'गांव का नाम बदलकर माधवपुरम रखने का प्रस्ताव निगम ने बहुत पहले पास किया था। वह प्रस्ताव विधानसभा में बहुत समय से लंबित है। अभी तक आम आदमी पार्टी की सरकार थी, उन्होंने उसे कहीं दबा कर रखा होगा। अब कल जब मुझे आदरणीय स्पीकर से समय मिलेगा, तो मैं इस मुद्दे को उठाऊंगा।'

 

गांव का नाम बदलने के पीछे की वजह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'लोगों की मांग है कि इस गांव का नाम मोहम्मदपुर की जगह माधवपुरम गांव रखा जाना चाहिए। दिल्ली की यह सरकार बनी है। लोगों की मांग के अनुसार ही लोगों की सरकार बनी है। काम होगा।' 

 

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'जल्द पेश होगा प्रस्ताव'
शर्मा ने कहा कि अगर स्पीकर ने मौका दिया तो वे जल्द से जल्द औपचारिक रूप से प्रस्ताव पेश करेंगे।

 

उन्होंने कहा, 'हम प्रस्ताव रखने की कोशिश करेंगे। अगर स्पीकर हमें कल बोलने का मौका देते हैं, तो कल, अगर नहीं तो सोमवार को जैसे ही मौका मिलेगा, हम आज ही यह प्रस्ताव रख देंगे।'

 

अनिल शर्मा सत्तारूढ़ भाजपा के अकेले विधायक नहीं हैं जिन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन क्षेत्र या गांव का नाम बदलने का सुझाव दिया है।

 

‘नजफगढ़ को नाहरगढ़ किया जाए’

भाजपा विधायक नीलम पहलवान ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र नजफगढ़ का नाम बदलकर ‘नाहरगढ़’ करने का प्रस्ताव दिल्ली विधानसभा में पेश किया है।

 

उन्होंने कहा, 'आप जानते हैं कि मेरा निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली के ग्रामीण इलाकों से है और इसकी सीमा हरियाणा के तीन इलाकों से लगती है। जब मुगल शासक शाह आलम द्वितीय ने नजफगढ़ पर कब्ज़ा किया, तो इस क्षेत्र में बहुत ज़्यादा अत्याचार हुआ।'

 

उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में राजा नाहर सिंह की भूमिका के बारे में बताया।

 

पहलवान ने कहा, '1857 के विद्रोह के दौरान राजा नाहर सिंह ने लड़ाई लड़ी और नजफगढ़ क्षेत्र को दिल्ली प्रांत में शामिल करवाया।'

 

उन्होंने कहा, 'तत्कालीन सांसद प्रवेश वर्मा सहित कई प्रयासों के बावजूद, हमने नजफगढ़ का नाम बदलकर 'नाहरगढ़' करने की कोशिश की। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नजफगढ़ के लोगों ने बहुत उत्पीड़न झेला है और यह वहां के लोगों के लिए बहुत महत्व रखता है। इस क्षेत्र के राजाओं ने अपने अस्तित्व के लिए लड़ाई लड़ी।'


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