चुनाव से पहले अपने ही बयानों में उलझी पंजाब कांग्रेस, कहीं अपना वोट बैंक न खो दे
पंजाब में कांग्रेस पार्टी अपने ही नेताओं के बयानों के कारण मुश्किल में फंस रही है। प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब सरकार के मंत्री को बैंड बाजे वाला कहा तो AAP ने उन्हें दलित विरोधी बताकर विरोध शुरू कर दिया है।

पंजाब कांग्रेस, Photo Credit: Social Media
राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस पार्टी पंजाब में मजबूत स्थिति में है। 2022 चुनाव में हारने के बाद पार्टी ने खुद को संभाला और 2024 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली को पीछे छोड़ अकेले दम पर 13 में से 7 सीटों पर जीत दर्ज की लेकिन इन दिनों पंजाब में कांग्रेस अपने ही नेताओं की बयानबाजी में फंस चुकी है।
पंजाब कांग्रेस में 2022 चुनाव से पहले भी टकराव दिखाई दिया था और अक एक बार फिर 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस की यह कमजोरी सबके सामने आ रही है। कांग्रेस सरकार पर हमला करने के बजाय अपनी ही बयानबाजी के बोझ तले दबती हुई दिखाई दे रही है। पार्टी के सीनियर नेताओं के टकराव और बयानबाजी ने कांग्रेस पार्टी की नीति और सियासी दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें: पंजाब में हरियाणा मॉडल के बहाने पैर जमाने की कोशिश में BJP, क्या जनता देगी मौका?
प्रताप सिंह बाजवा का विरोध
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा इन दिनों आम आदमी पार्टी के निशाने पर हैं। उन्होंने पंजाब सराकर में मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर एक विवादित बयान दिया था। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पंजाब सराकर और आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि हरभजन सिंह ईटीओ ने पंजाब को लूट लिया है। इसके आगे उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह पहले बैंड बजाते थे और अब हम उनकी बैंड बजा देंगे।
https://twitter.com/thind_akashdeep/status/2020514092214300699
आम आदमी पार्टी ने बाजवा के इस बयान का विरोध किया। ताप सिंह बाजवा के इस बयान पर मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा किबैंड बजाने वालों को भी अपने बच्चों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने का पूरा हक है। उन्होंने आगे कहा कि यह बयान कांग्रेस की बौखलाहट है और 2027 के चुनाव में दलित समाज इसका जवाब देगा।
AAP ने किया प्रदर्शन
AAP ने सोमवार 9 जनवरी को चंडीगढ़ में प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। AAP के कार्यकर्ता विधायक हॉस्टल से प्रताप सिंह बाजवा के चंडीगढ़ आवास की ओर मार्च करने लगे। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर AAP कार्यकर्ताओं को रोका। AAP कार्यकर्ता बैंड बाजा लेकर प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
https://twitter.com/thind_akashdeep/status/2020757942547673447
आम आदमी पार्टी के कई मंत्री विधायक और सीनियर नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। AAP ने प्रताप सिंह बाजवा की टिप्पणी को जातिवादी टिप्पणी करार दिया और उनसे माफी की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान से परेशान कांग्रेस
यह पहला बयान नहीं है जिससे पंजाब कांग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगा हो। इससे पहले भी कांग्रेस पार्टी के सासंद और पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के एक बयान ने कांग्रेस पार्टी को काफी परेशान किया था। चन्नी ने कांग्रेस पार्टी में दलितों को कम प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही थी। इस बयान के बाद भी विपक्षी पार्टियां कांग्रेस पर हमलावर रही थी और दलितों का अपमान करने का आरोप लगाया था।
इसके बाद पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राजिंदर कौर भट्टल ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि कुछ अफसरों ने पंजाब में दोबारा उनकी सरकार बनाने के लिे बम ब्लास्ट का सहारा लेने की सलाह दी थी। हालांकि, राजिंदर भट्टल ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को इस मामले में फटकार लगाई लेकिन विपक्ष ने उनके इस बयान को लपक लिया। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस प्रधान ने हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनाव में विवादित बयान दिया था और इसका नतीजा यह रहा कि उनकी पार्टी यह चुनाव हार गई थी।
यह भी पढ़ें: बैंड बाजा लेकर प्रताप बाजवा के घर प्रदर्शन क्यों करने जा रही आम आदमी पार्टी?
दलित वोटबैंक पर विपक्ष की नजर
आम आदमी पार्टी, बीजेपी, अकाली दल समेत कई पार्टियों की पंजाब में दलित वोटबैंक पर नजर है। दलित पंजाब में करीब 32 प्रतिशत हैं यानी सबसे बड़ा वोटर समूह। भारतीय जनता पार्टी दलित और ओबीसी समुदाय को अपनी और आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए हरियाणा के सीएम लगातार दौरे कर रहे हैं। रविदास जयंती पर पीएम मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में कार्यक्रम किया। आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस नेताओं के बयानों को बुनाकर दलित वोटबैंक को अपनी और आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही पार्टी दलित नेता को पंजाब में डिप्टी सीएम बना सकती है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि AAP का नेतृ्त्व अरविंद केजरीवाल के 2017 में किए गए दलित उपमुख्यमंत्री के वादे को पूरा कर सकती है। इस संबध में सूत्रों के हवाले से कई नाम भी दिए गए हैं।
कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी
भले ही पंजाब में कांग्रेस पार्टी ने 2024 लोकसभा चुनाव में अन्य सभी दलों को पीछे छोड़ दिया हो लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव की जंग पार्टी के लिए आसान नहीं रहने वाली। पार्टी के लिए अपने नेताओं को साथ रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके साथ ही पार्टी के नेताओं के बयान से पार्टी को लगातार नुकसान हो रहा है। प्रताप सिंह बाजवा, राजा वडिंग जैसे सीनियर नेताओं के विवादित बयानों की वजह से कांग्रेस पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। दलित वोटबैंक को हर पार्टी अपनी ओर करने की कोशिश कर रही है ऐसे में कांग्रेस के लिए खतरा हो सकता है क्योंकि दलित परंपरागत रूप से कांग्रेस पार्टी का मजबूत वोटर माना जाता है।
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap



