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यूपी में अखिलेश यादव के भरोसे सियासत चमकाएगी कांग्रेस? पार्टी का प्लान तैयार

बिहार में कांग्रेस के लिए गठबंधन धर्म निभाना भारी पड़ा। पार्टी सिर्फ 6 सीट पर सिमट गई। बिहार से मिले सीख से यूपी में कांग्रेस क्या सीख रही है, आइए जानते हैं।

Rahul Gandhi

राहुल गांधी और अखिलेश यादव। Photo Credit: PTI

बिहार चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। 61 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बाद भी कांग्रेस के खाते में सिर्फ 6 सीटें आ पाईं। बिहार में ऐसी सीख मिली कि अब कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी कई महीने पहले शुरू कर दी है। 

कांग्रेस अब उन सीटों की पहचान कर रही है जहां वह जीत सकती है। समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन में सीटें बांटने की रणनीति बना रही है। कांग्रेस उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से करीब 80 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। 

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403 सीटों के संभावित उम्मीदवारों की बनेगी सूची

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने सभी 403 सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने को कहा है। 100 से 120 की संख्या में मजबूत सीटों की अलग सूची भी बनाई जा रही है। कांग्रेस, अब अपने सहयोगी समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे पर बात करने की योजना बना रही है। 

100 से ज्यादा सीटों पर उतरने की तैयारी 

कांग्रेस ने यूपी की सीटों को तीन श्रेणियों में बांटा है, हाई पोटेंशियल, मार्जिनल और कमजोर। पार्टी ने अब तक 100 से ज्यादा सीटों को हाई पोटेंशियल माना है। स्थानीय स्तर पर फीडबैक लेकर मजबूत सीटों का चुनाव किया जा रहा है।

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मुस्लिम, दलित और ब्राह्मण पर कांग्रेस का जोर 

कांग्रेस मुस्लिम, दलित और ब्राह्मण समुदायों पर खास ध्यान दे रही है। ब्राह्मणों में सरकार के खिलाफ नाराजगी का फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।

समाजवादी पार्टी के साथ जारी रह सकता है गठबंधन 

 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसमें कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं। पार्टी इसी गठबंधन को जारी रखना चाहती है।

सितंबर से पहले हो जाएगा सीट बंटवारा 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया है कि अगस्त-सितंबर तक समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी हो सकती है, जिससे उम्मीदवारों को समय भी मिल जाए और प्रचार जल्द शुरू हो सके।

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2022 वाली गलती नहीं दोहराएगी कांग्रेस

2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अकेले लड़ी थी और सिर्फ 2 सीटें जीत पाई थी, वोट शेयर भी बहुत कम हो गया था। अब पार्टी बिहार जैसे अनुभव को दोहराने नहीं देना चाहती। पार्टी, जल्दी तैयारी और सही सीट चयन पर जोर दे रही है।

प्रियंका गांधी ही संभालेंगी जिम्मेदारी?

प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका को लेकर भी अभी असमंजस है। 2022 में उन्होंने प्रचार की अगुवाई की थी, लेकिन इस बार उनकी भूमिका क्या होगी, अभी तक इस पर फैसला नहीं हो पाया है। राहुल गांधी और प्रियंका भरोसे ही यूपी में कांग्रेस के विस्तार का सपना पार्टी देख रही है। अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी अगर गठबंधन में रहती है तो कांग्रेस के लिए सियासी लड़ाई थोड़ी आसान हो सकती है। 


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