बीजेपी की कद्दावर नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को चुनाव जीतने के बाद से पार्टी ने हाशिए पर डाल दिया। इसके बाद वसुंधरा की जगह भजनलाल शर्मा को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया गया था। इस घटना के बाद से ही वसुंधरा राजे बीजेपी से नाराज बताई जाती हैं। इस बीच उन्होंने एक बयान दिया है, जिसकी चर्चा हो रही है।
दरअसल, वसुंधरा राजे मनोहर थाना में अपने सांसद बेटे दुष्यंत सिंह के साथ जनसंवाद यात्रा में 9 अप्रैल को शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने एक सभा को भी संबोधित किया। राजे ने इस दौरान अपने क्षेत्र के लोगों से अपने आपसी रिश्ते की तारीफ की।
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लोगों से बताया अपना रिश्ता
उन्होंने कहा, 'आप प्यार बनाए रखो, आप मुझ पर विश्वास बनाए रखो। ये छोटे-मोटे काम होते रहेंगे। किसी का मकान नहीं बन रहा है किसी की पेंशन नहीं आ रही है। किसी का मुआवजा नहीं मिला है। उसको मिला, मुझे नहीं मिला। ये भी बात है। ये दुनिया है, ये चलता है लेकिन हम सब मिलकर इन चीजों को सुलझाने की कोशिश करेंगे।'
वसुंधरा राजे ने कहा, 'मैंने कहा, मेरे साथ भी होता है भैया। मैं भी अपने लिए कुछ नहीं कर सकी। मेरा चला गया, मैं अपने आप को नहीं बचा सकी।' पूर्व सीएम वसुंधरा ने यह बयान जैसे ही दिया उनका यह बयान तुरंत वायरल हो गया। यह राजनीतिक हलकों में पिछले दो दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है।
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अखिलेश-गहलोत ने ली चुटकी
लोग उनके इस बयान को मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं मिलने का दर्द बता रहे हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जयपुर आए थे। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे इस बयान को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, 'मन की बात कह देता हूं... अगर वसुंधरा जी मुख्यमंत्री होतीं, तो ज्यादा अच्छा काम होता। पर्ची वाले मुख्यमंत्री किसी का भला नहीं कर सकते।' उनके इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि बीजेपी में गुटबाजी आखिर कांग्रेस के फायदे में ही है।
यह बयान राजस्थान में चर्चा में है। जब मामले ने तूल पकड़ लिया तो वसुंधरा राजे ने सफाई दे दी। उन्होंने इसे साजिश बताते हुए कहा, 'मेरे लिए जनता के प्यार से बड़ा कोई पद नहीं, जो मुझे सबसे ज्यादा मिल रहा है।' पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झालावाड़ जिले के कामखेड़ा बालाजी प्रांगण में सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा के दौरान उनका जो संवाद हुआ, उसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह एक साजिश के अलावा कुछ नहीं है।