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'अपराधी से गठबंधन नहीं' बोल कांग्रेस और लेफ्ट ममता बनर्जी के साथ क्यों नहीं?

पश्चिम बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता की कवायद की थी। विपक्ष ने ही उन्हें आईना दिखा दिया। पढ़ें रिपोर्ट।

Mamata Banerjee

तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी। Photo Credit: PTI

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डेढ़ दशक तक, पश्चिम बंगाल की सत्ता में रहने वाली ममता बनर्जी, अब कांग्रेस और वाम दलों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जंग में मदद मांग रही हैं लेकिन सारे दल, उनसे किनारा कर रहे हैं। कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और CPI (ML) (L) ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस के उस प्रस्ताव को नकार दिया, जिसमें संगठन, भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की मांग कर रहा था। 

पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी ने शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने सभी विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और एनजीओ से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि बीजेपी विरोधी सभी पार्टियां मिलकर एक मंच बना सकती हैं। ममता बनर्जी ने लेफ्ट और अल्ट्रा-लेफ्ट पार्टियों को भी बंगाल और दिल्ली में एकजुट होने के लिए कहा। उन्हें जो जवाब मिला, उसकी कल्पना, ममता बनर्जी ने कभी नहीं की होगी। 

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ममता की एकजुटता की अपील खारिज कौन कर रहा है?

मोहम्मद सलीम, राज्य सचिव:-
हम किसी भी अपराधी, वसूली करने वाले, भ्रष्ट और सांप्रदायिक व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे। हम जनता और गरीबों के साथ खड़े रहेंगे।

ऐसा नहीं है कि सिर्फ वाम दल ही उनसे दूरी बना रहे हैं। कांग्रेस को भी अब ममता बनर्जी का साथ मंजूर नहीं है। कांग्रेस ने भी ममता बनर्जी सरकार पर लोगों के दमन का आरोप लगाया और अलोकतांत्रिक बताया है। 

सौम्य रॉय, प्रवक्ता, कांग्रेस:-
कानों पर यकीन नहीं हो रहा। आपने नेशनल पार्टियों को बुलाया, मतलब कांग्रेस, लेफ्ट और अल्ट्रा-लेफ्ट को। अल्ट्रा-लेफ्ट से आपका मतलब माओवादियों से है क्या? जिन्होंने 2013 में छत्तीसगढ़ में 18 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या की थी?

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CPI के राज्य सचिव, स्वपन बनर्जी ने कहा, 'ममता के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि उनके शासन में लोकतंत्र खतरे में था।'

हार को स्वीकार नहीं कर रहीं ममता बनर्जी?

भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसी दिन, ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने सबसे अपील की थी कि बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में विपक्ष उनका साथ दे।

ममता बनर्जी के साथ ऐसा क्यों हो रहा है?

पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को आए। नतीजों में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई। 294 सीटों में से एक 207 सीटें बीजेपी के पास हैं। तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई है। ममता बनर्जी के शासन काल पर कांग्रेस, लेफ्ट और बीजेपी तीनों दल सवाल उठा रहे हैं। ममता बनर्जी की कानून व्यवस्था को लेकर साल 2011 से ही आलोचना होती रही है। कांग्रेस ने भी उन पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। 

ममता बनर्जी की सरकार, भ्रष्टाचार, अपराध और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हमेशा घिरती रही है। कांग्रेस और वाम दलों ने उन पर विपक्ष के दमन का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि विपक्ष की याद, ममता बनर्जी को तब आई, जब बंगाल गंवा बैठीं। उन्होंने इंडिया गठबंधन का नेता बनने की भी कोशिश की थी, अब झटका लगा है। न कांग्रेस उनका साथ देने के लिए तैयार है, न ही वाम दलों की कोई भी पार्टी।  


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