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चारधाम यात्रा से पहले रवाना हुई मां गंगा की डोली, जानिए डोली प्रथा क्या है?

चारधाम यात्रा से एक दिन पहले मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना की हुई। इस डोली प्रथा का चारधाम यात्रा से क्या जुड़ाव है, जान लीजिए।

Doli tradition

प्रतीकात्मक तस्वीर,Photo Credit- Sora

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मां गंगा की उत्सव डोली गंगोत्री धाम की ओर ले जाई गई। 18 अप्रैल को मां गंगा की डोली को मुखवा गांव के लोगों ने विधिवत पूजा-पाठ के बाद कपड़े में ढककर विदा किया। इस उत्सव में कई लोग शामिल हुए और पूर्ण भक्ति भाव से मां गंगा की पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगोत्री धाम ही मां गंगा का मुख्य स्थान है, इस वजह से हर साल चारधाम यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम ले जाई जाती है।

 

गंगा मां की उत्सव डोली को 18 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट के शुभ मुहूर्त पर मुखवा गांव से विदा किया गया। जानकारी के लिए बता दें कि गंगा मां की डोली को श्रद्धालु अपने कंधों पर लेकर पैदल यात्रा करते हैं। इसी प्रकार इस साल भी मां गंगा की डोली को लेकर श्रद्धालु मुखवा इलाके के घने जंगलों से होते हुए रात तक भैरों घाटी तक ले जाएंगे, जहां भैरों मंदिर में रात भर डोली को विश्राम के लिए रखा जाएगा। अगले दिन सुबह सभी भक्त गंगोत्री धाम के लिए रवाना होंगे। गंगा मां की डोली गंगोत्री धाम में लगभग दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक पहुंच जाएगी, जिसके बाद मंदिर के कपाट छह महीने के लिए खोल दिए जाएंगे। अब सवाल उठता है कि इस डोली उत्सव का चारधाम यात्रा से क्या जुड़ाव है।

 

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चारधाम यात्रा से जुड़ाव

उत्तराखंड में हर साल सर्दियों के मौसम में चारधाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। उस समय इन धामों के देवी-देवताओं की मूर्तियों को अन्य स्थानों पर ले जाया जाता है ताकि भक्त सर्दियों में भी उनकी पूजा कर सकें। इसी तरह मां गंगा की मूर्ति को मुखवा गांव लाया जाता है।

 

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धार्मिक मान्यता के अनुसार मुखवा गांव मां गंगा का मायका माना जाता है। जब चारधाम यात्रा शुरू होती है, उससे एक दिन पहले मां गंगा की डोली अपने मायके यानी मुखवा से गंगोत्री के लिए रवाना होती है।

कब खुलेंगे कपाट?

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। सबसे पहले अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। ये दोनों धाम 19 अप्रैल को खुल जाएंगे। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। जानकारी के लिए बता दें कि इन चारों धामों के कपाट लगभग 10 नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे।


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