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महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में किस समय करें पवित्र स्नान? यहां जानें

महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में पवित्र स्नान करने से विशेष महत्व है। आइए जानते हैं, इस दिन किस समय करना चाहिए पवित्र स्नान और इस दिन का महत्व।

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महाकुंभ मेला में स्नान करते श्रद्धालु।(Photo Credit: PTI)

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भगवान शिव की उपासना के लिए महाशिवरात्रि व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की उपासना से पहले पवित्र स्नान करने से व्यक्ति को विशेष लाभ प्राप्त होता है। बता दें कि इस वर्ष महाशिवरात्रि व्रत 26 फरवरी के दिन रखा जाएगा। बता दें कि इस दिन महाकुंभ मेले का अंतिम महा स्नान किया जाएगा। आइए जानते है, महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ में किस समय करें महा स्नान।

महाशिवरात्रि 2025 कुंभ स्नान समय

महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि अर्थात 26 फरवरी 2025 के दिन रखा जाएगा। बता दें कि इस इस दिन श्रवण नक्षत्र का निर्माण हो रहा है, जो शाम 05 बजकर 23 मिनट तक रहेगा और इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। यह दोनों समय कुंभ या अन्य पवित्र नदियों में स्नान के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।

 

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वहीं जो लोग विशिष्ठ मुहूर्त में स्नान करना चाहते हैं उनके लिए ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल और विजय मुहूर्त सबसे उत्तम माना जाता है। बता दें कि इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजे से सुबह 06 बजे के बीच रहेगा, वहीं अमृत काल सुबह 07 बजकर 28 मिनट से सुबह 09 बजे तक रहेगा और विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से दोपहर 03 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।

महाशिवरात्रि के दिन पवित्र स्नान का महत्व

सनातन धर्म में महाशिवरात्रि व्रत को सबसे पुण्य तिथि व्रतों में गिना जाता है। शास्त्रों में यह बताया गया है कि इसी विशेष दिन भगवान शिव और देवी पार्वती विवाह के पवित्र बंधन में बंधे थे। मान्यता है कि इस विशेष दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा, अभिषेक और पवित्र स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं।

 

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सभी तीर्थ क्षेत्रों जैसे हरिद्वार, ऋषिकेश, उज्जैन और काशी में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान करने के लिए एकत्र होते हैं। इस समय तीर्थराज प्रयागराज में महाकुंभ मेला चल रहा है, जिससे यह स्नान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

 

Disclaimer- यहां दी गई सभी जानकारी सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं।


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