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क्या है रावण संहिता, ज्योतिष में इस ग्रंथ का काम क्या है?

रावण संहिता एक ऐसी किताब है जिसे ज्योतिष पढ़कर भविष्यवाणी करते हैं। इसके अलावा रावण संहिता ग्रंथ का ज्योतिष में क्या योगदान है, जानिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Sora

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रावण संहिता एक पौराणिक किताब है, जिसके बारे में यह मान्यता है कि लंकापति रावण ने इस किताब की रचना की थी। कई लोगों को लगता है कि रावण एक राक्षस था, एक क्रूर राजा था लेकिन इन सबसे पहले वह तांत्रिक, ज्योतिषी और शिव भक्त थे। रावण ने अपने ज्योतिषी ज्ञान को रावण संहिता में लिखा है, जिसके आधार पर आज भी कई ज्योतिषी अपना और दूसरों का भविष्य जानते हैं।


रावण संहिता किताब को लाल किताब की तरह ही माना जाता है, जिसके उपायों को अपनाकर आज के समय में कई लोग अपने जीवन में सुधार कर रहे हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर रावण संहिता क्या है, इस किताब का ज्योतिष में क्या योगदान है, साथ ही सवाल यह उठता है कि इस किताब के उपायों को मानकर लोगों को क्या लाभ होता है।

 

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क्या है रावण संहिता?

रावण संहिता एक ऐसी किताब है जिसमें रावण ने ज्योतिष से जुड़ी कुछ अहम बातें लिखी हैं। इस किताब में रावण और उनकी पत्नी मंदोदरी के बीच संवाद के रूप में बातें लिखी गई हैं। इसमें ज्योतिष से लेकर तंत्र-मंत्र की कई जानकारियां दी गई हैं। इस किताब के जरिए रावण ने ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव, भविष्यवाणी की विधि और जीवन की समस्याओं के उपाय बताए हैं।

रावण संहिता को लाल किताब की तरह रहस्यमय और शक्तिशाली माना जाता है, हालांकि कुछ आधुनिक संस्करण पारंपरिक ज्योतिष से प्रभावित हो सकते हैं। कुल मिलाकर यह प्राचीन भारतीय ज्ञान का खजाना है, जो विज्ञान और आध्यात्मिकता के समन्वय को दिखाता है।

ज्योतिष में इसका योगदान

ज्योतिष शास्त्र में रावण संहिता का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। रावण को प्राचीन काल का महान ज्योतिषी माना जाता है, जिन्होंने सूर्य से ज्योतिष विद्या प्राप्त की थी। संहिता में ग्रहों की दशा, नक्षत्रों के प्रभाव, ग्रह दृष्टि, भाव स्वामी और कर्मफल के बारे में विस्तार से बताया गया है।

 

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इस किताब में मुख्य रूप से लोगों की जन्म कुंडली कैसे निकाली जाती है, यह बताया गया है। इसके अलावा व्यक्ति के हाथ की रेखाओं के आधार पर भविष्यवाणी के बारे में भी बताया गया है। इस किताब में लिखा है कि कौन से ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर व्यक्ति का जीवन कैसा होगा। जहां एक तरफ ज्योतिष को कर्म सिद्धांत से जोड़ा जाता है, वहीं रावण संहिता ने ज्योतिष को तंत्र-मंत्र से जोड़कर इसे अधिक शक्तिशाली बना दिया है, जिसकी वजह से यह ज्योतिष का रहस्यमय खजाना कहलाती है। माना जाता है कि इस किताब के बिना भारतीय ज्योतिष की कई बातें अधूरी हैं।

रावण संहिता के लाभ

कई ज्योतिषियों के मुताबिक रावण संहिता में लिखे उपायों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन की सभी चुनौतियां जैसे दुश्मनी, रुके हुए काम आदि को कम कर सकता है। कई लोगों का मानना है कि रावण संहिता के उपायों को मानने से धन की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख  ज्योतिष मान्यताओं परआधारित है। खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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