बांग्लादेश दौरे पर 3 मैचों की ODI सीरीज खेलने गई पाकिस्तानी टीम ने पहले ही मुकाबले में घुटने टेक दिए। मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में नाहिद राणा (5 विकेट) के तूफान के आगे पाक टीम महज 114 रन पर सिमट गई। टीम के लिए सबसे ज्यादा रन फहीम अशरफ ने बनाए। आठवें नंबर पर उतरे फहीम अशरफ ने 47 गेंद में 37 रन बनाए, जिससे पाकिस्तान 100 रन के आंकड़े को पार कर सका। हालांकि यह शर्मनाक हार से बचने के लिए नाकाफी था।
बांग्लादेश ने 115 रन के टारगेट को आसानी से 15.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। पाकिस्तान की इस करारी हार के बाद पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने टीम मैनेजमेंट की जमकर लताड़ लगाई है। उन्होंने टीम की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिसने भी पावरप्ले में कम से कम 60 रन बनाने के लिए कहा था, उसे गोली मार देना चाहिए।
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हेड कोच माइक हेसन पर साधा निशाना
बासित अली ने इशारों-इशारों में हेड कोच माइक हेसन की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने क्रिकेट खेला नहीं है और बस एक कागज थमा देते हैं। क्या उन्होंने परिस्थितियां नहीं देखी? बासित ने माइक हेसन पर निशाना साधते हुए कहा, 'सबसे पहले उस आदमी को गोली मारो, जिसने उन्हें पावरप्ले में कम से कम 60 रन बनाने के लिए कहा था। उन्होंने कभी मैदान पर क्रिकेट नहीं खेला। वह बस एक कागज थमा देते हैं। क्या उन्होंने नहीं देखा कि यहां के हालात कैसे हैं? क्या उन्हें नहीं पता था कि भारत भी बांग्लादेश में हार चुका है?'
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4 खिलाड़ियों ने किया डेब्यू
पाकिस्तान इस मुकाबले में 4 डेब्यूटंट खिलाड़ियों के साथ उतरा था। बासित अली ने एक साथ इतने खिलाड़ियों को डेब्यू कराने के फैसले को गलत बताया। साथ ही उन्होंने 'युवा खिलाड़ियों को समय चाहिए,' इस पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'यह बहस कि युवाओं को समय चाहिए इसे खत्म करें। वर्ल्ड क्रिकेट में जब कोई युवा आता है तो वह तैयार होकर आता है और प्रभाव डालता है। हमारे खिलाड़ियों को यह समझना होगा कि यह स्थानीय क्लब का मैदान नहीं बल्कि एक इंटरनेशनल वेन्यू है।'
कामरान अकमल ने क्लब टीम से की तुलना
पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमलन ने भी पाक टीम के प्रदर्शन को शर्मनक बताया। उन्होंने यहां तक कि शाहीन शाह अफरीदी की कप्तानी वाली टीम की तुलना एक क्लब टीम से कर दी। उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन पर कहा, 'मुझे ऐसा लगा जैसे एक टीम इंटरनेशनल है और दूसरी कोई क्लब टीम है, जो वर्ल्ड कप से पहले प्रैक्टिस मैच खेल रही है। मैं ईमानदारी से कहता हूं, क्लब क्रिकेट में भी ऐसी बल्लेबाजी नहीं होती। क्लब के खिलाड़ी भी इतना बुरा नहीं खेलते।'