logo

मूड

ट्रेंडिंग:

इंडोनेशिया वुडबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारत ने जीते सिल्वर और ब्रॉन्ज

वुडबॉल में अपनी दावेदारी मजबूत करते हुए भारतीय टीम ने इस बार इंडोनेशिया वुडबॉल चैंपियनशिप में दो पदक हासिल किए हैं।

woodball players

वुडबॉल खेलते भारतीय खिलाड़ी, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

भारतीय वुडबॉल टीम ने 7वीं AICE इंडोनेशिया वुडबॉल चैंपियनशिप 2025 में अपना शानदार खेल दिखाया है। भारतीय पुरुष टीम ने जहां इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीता है तो सिंगल स्ट्रोक इवेंट में भरत कुमार ने सिल्वर मेडल जीता है। इस टूर्नामेंट का आयोजन 18 से 25 अगस्त तक इंडोनेशिया के बोगोर में हुआ था। 


राजस्थान के भरत कुमार ने पुरुष एकल स्ट्रोक इवेंट में असाधारण कौशल और दृढ़ता दिखाते हुए रजत पदक जीता। उनके शानदार स्ट्रोक और दबाव में शांत रहने की क्षमता ने उन्हें मेडल दिलाया, जिससे वह भारत के सबसे होनहार वुडबॉल खिलाड़ियों में से एक बन गए। इसके अलावा, भारतीय पुरुष टीम ने स्ट्रोक प्रतियोगिता (टीम इवेंट) में कांस्य पदक हासिल कर शानदार सामूहिक प्रदर्शन किया। पदक विजेता टीम में शामिल थे:  
- विश्वराज परमार (गुजरात)  
- प्रेम पी. मीणा (नई दिल्ली)  
- ललित डांगी (मध्य प्रदेश)  
- जयराज राठवा (गुजरात)  
- रितेश येतू गवास (गोवा)  
- सतीश चकाला (आंध्र प्रदेश)  

 

यह भी पढ़ें- फाइनल में युवराज से पहले धोनी को क्यों भेजा था? सचिन ने बता दी वजह

भारत में बढ़ रहा है वुडबॉल का क्रेज

 

भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प की बदौलत यह कामयाबी हासिल की है। दोहरे पदक ने न केवल भारत को गौरव दिलाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वुडबॉल में देश की स्थिति को और मजबूत किया है। इस चैंपियनशिप में भारत के विभिन्न हिस्सों से कुल 24 सदस्यों की टीम ने हिस्सा लिया, जो देश में वुडबॉल की बढ़ती लोकप्रियता और पहुंच को दर्शाता है।

 

 

वुडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि की सराहना की। एसोसिएशन के अधिकारियों ने कहा, 'ये पदक अथक प्रयास, अनुशासन और जुनून का परिणाम हैं। खिलाड़ियों ने वैश्विक मंच पर भारत की क्षमता दिखाई है और यह देश में कई युवाओं को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।'

क्या बोले भारतीय कप्तान?

 

भारतीय टीम की अगुवाई महाराष्ट्र के एडवोकेट सुदीप मनवटकर ने किया, जिनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जीत पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए सुदीप ने कहा कि यह जीत भारतीय वुडबॉल की बढ़ती ताकत और देश में इस खेल के उज्ज्वल भविष्य को दिखाती है। 

 

टीम मैनेजर राजेंद्र पिरनकर ने भी अपने मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमताओं के साथ खिलाड़ियों को प्रेरित किया और मैदान के अंदर और बाहर बेहतर कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित किया। इंडोनेशिया में यह जीत भारतीय वुडबॉल के लिए एक मील का पत्थर है, जो न केवल व्यक्तिगत प्रतिभा की ताकत बल्कि टीम वर्क की भावना को भी दर्शाती है। विदेशी धरती पर तिरंगे का ऊंचा होना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।

Related Topic:#वुडबॉल

और पढ़ें