भारत को थॉमस कप सेमीफाइनल मुकाबले से पहले करारा झटका लगा है। स्टार शटलर लक्ष्य सेन फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से बाहर हो गए हैं। उनकी दाहिनी कोहनी में सूजन है, जिससे वह इस मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे। लक्ष्य ने क्वार्टर फाइनल में दो मैच पॉइंट बचाकर वर्ल्ड के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन पर एक घंटे 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21 22-20 21-17 से जीत दर्ज की थी, जिससे भारत ने चीनी ताइपे पर 3-0 से जीत हासिल की।
इसी मैच के दौरान लक्ष्य को कोहनी में चोट लग गई थी और वह अभी तक इससे पूरी तरह से नहीं उबर पाए हैं। लक्ष्य के मेंटोर और पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार ने PTI को बताया, 'कल चोउ के खिलाफ मैच के दौरान गिरने से लक्ष्य के हाथ में विशेष कर कोहनी के आस-पास सूजन आ गई है। उनके पैरों में छाले भी पड़ गए हैं।'
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लक्ष्य की जगह यह खिलाड़ी संभालेगा मोर्चा
लक्ष्य की गैरमौजूदगी में युवा आयुष शेट्टी वर्ल्ड नंबर-4 क्रिस्टो पोपोव के खिलाफ शुरुआती एकल मैच खेलेंगे। पोपोव ने 2024 में हाइलो ओपन में भारतीय खिलाड़ी को हराया था। वर्ल्ड के 30वें नंबर के खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत दूसरे एकल मुकाबले में वर्ल्ड नंबर-10 एलेक्स लैनियर का सामना करेंगे। तीसरे एकल खिलाड़ी के रूप में एचएस प्रणय का सामना वर्ल्ड के 17वें नंबर के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव से होगा, जिनका भारतीय खिलाड़ी के खिलाफ 1-0 का रिकॉर्ड है।
अगर मुकाबला एकल से आगे बढ़ता है तो हरिहरन आमसकारुनन और एमआर अर्जुन पहले युगल मुकाबले में एलोई एडम और लियो रॉसी से भिड़ेंगे। अंतिम मैच में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का मुकाबला पोपोव बंधुओं से होगा।
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'लक्ष्य की चोट बड़ा झटका नहीं'
भारतीय बैडमिंटन संघ के सचिव संजय मिश्रा ने लक्ष्य की चोट पर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह कोई झटका है। हमारे पास अच्छी टीम है। हर कोई आत्मविश्वास से भरा है और अगर हम यह मैच जीत जाते हैं, तो उम्मीद है कि लक्ष्य फाइनल के लिए उपलब्ध रहेगा।'
टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार मुकाबले आम तौर पर खिलाड़ियों की रैंकिंग के आधार पर होते हैं। प्रत्येक टीम के बेस्ट रैंकिंग वाले एकल और युगल खिलाड़ी आमने-सामने होते हैं। अगर खिलाड़ियों को एकल और युगल दोनों में खेलना है, तो उन्हें युगल में जोड़ी बनाने से पहले अपने एकल मैच पूरे करने होंगे। फ्रांस के मामले में इसका मतलब है कि पहले तीनों एकल मैच खेले जाएंगे और उसके बाद युगल मैच होंगे। भारत का सेमीफाइनल में पहुंचने से पदक पक्का हो गया है। भारत ने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा उसने 1952, 1955 और 1979 में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।