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11 साल से फ्लॉप... अब रणजी फाइनल में ठोकी सेंचुरी, कौन हैं J&K के शुभम पुंडीर?

कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेला जा रहा है। इस मुकाबले में शुभम पुंडीर ने बेहतरीन शतक जड़ा है।

Shubham Pundir Ranji Century

शुभम पुंडीर, Photo Credit: PTI

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रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन के फाइनल में जम्मू-कश्मीर की टीम बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन हुबली क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दूसरे दिन स्टंप्स तक 6 विकेट के नुकसान पर 527 रन बना लिए हैं। पहली बार रणजी फाइनल खेल रही इस टीम ने 8 बार की चैंपियन कर्नाटक को अब तक कोई मौका नहीं दिया है और वह पहली ट्रॉफी के बेहद करीब पहुंच गई है।

 

जम्मू-कश्मीर की ओर से अब तक 6 बल्लेबाज फिफ्टी प्लस स्कोर बना चुके हैं। यावर हसन (88), कप्तान पारस डोगरा (70), अब्दुल समद (61), कन्हैया वधावन (70) और साहिल लोत्रा (नाबाद 57) ने अर्धशतकीय पारियां खेली हैं। वहीं शुभम पुंडीर के बल्ले से बेहतरीन 121 रन निकले। पुंडीर की यह पारी उस समय आई, जब जम्मू-कश्मीर की ओपनिंग जोड़ी 18 रन पर ही टूट गई थी।

 

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पुंडीर-समद ने J&K को संभाला

तीसरे नंबर पर उतरे पुंडीर ने यावर हुसैन के साथ दूसरे विकेट के लिए 139 रन की साझेदारी की। यावर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए J&K के कप्तान पारस डोगरा को चोट लग गई और वह रिटायर हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। इस सिचुएशन में टीम की मुश्किलें बढ़ सकती थीं लेकिन पुंडीर ने अब्दुल समद के साथ मिलकर मोर्चा संभाल लिया और टीम को 300 के पार पहुंचाकर ही दम लिया। उनकी इस पारी की बदौलत जम्मू-कश्मीर की टीम ट्रॉफी के बेहद करीब खड़ी है।

 

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कौन हैं शुभम पुंडीर?

27 साल के शुभम पुंडीर बाएं हाथ के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हैं। पुंडीर भले ही जम्मू-कश्मीर से क्रिकेट खेलते हैं लेकिन वह उत्तराखंड से ताल्लुक रखते हैं। उनका जन्म 16 अक्टूबर, 1998 के रोज देहरादून में हुआ था। उन्होंने शुरुआती क्रिकेट देहरादून में ही खेला। बाद में वह प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए जम्मू आ गए और यहीं से खेलने शुरू कर दिया।

 

पुंडीर ने जम्मू-कश्मीर के लिए 2015 में ही डेब्यू कर लिया था, तब उनकी उम्र महज 17 साल थी। उन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डंस में बंगाल के खिलाफ अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत करते हुए 34 रन की पारी खेली थी। हालांकि इसके बाद वह अगले 11 साल में सिर्फ 30 ही फर्स्ट क्लास मैच खेल पाए, जिसमें उनके बल्ले से 27.57 की औसत से ही रन निकले। 

 

पुंडीर ने अपने उतार-चढ़ाव भरे करियर में इस रणजी सीजन में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 165 रन की पारी खेल वापसी की थी। इसके बाद क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में उनका बल्ला शांत रहा लेकिन अब फाइनल में उन्होंने दमदार शतक ठोक इतिहास रच दिया है। वह जम्मू-कश्मीर के लिए रणजी फाइनल में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं।


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