संजय सिंह, पटना। बिहार के समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मोबाइल चोरी के महज शक में एक 16 साल के नाबालिग किशोर को कथित तौर पर इतनी बेरहमी से पीटा गया। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और नाबालिग की मौत हो जाने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।
नाबालिग युवक को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।
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पेड़ से बांधकर पीटा
मृतक की पहचान नाजिरपुर वार्ड संख्या-1 के रहने वाले प्रदीप दास के पुत्र दर्शन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने पहले किशोर को एक मुर्गी फार्म पर बुलाकर पूछताछ के नाम पर मारपीट की। जब इससे भी उनका मन नहीं भरा तो दोबारा उसे घर से उठा लिया गया।
आरोप है कि इस दौरान किशोर को पेड़ से बांधकर बेल्ट, लाठी और डंडों से पीटा गया। इतना ही नहीं, उसके हाथों को सिगरेट से दागने का भी आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद पीड़ित को अस्पाल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था।
अधमरी हालत में खेत में फेंका
पीड़ित परिवार के मुताबिक, बेरहमी की सारी हदें पार करने के बाद आरोपियों ने किशोर को अधमरी हालत में मकई के खेत में फेंक दिया। काफी देर बाद जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो उसे गंभीर स्थिति में घर लाया गया। परिवार वालों ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया लेकिन हालत बिगड़ने पर एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए। लगातार छह दिनों तक इलाज चलता रहा, मगर आखिरकार किशोर जिंदगी की जंग हार गया।
दर्शन की मौत की खबर फैलते ही गांव में गुस्से का विस्फोट हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण शव को लेकर आरोपित के दरवाजे पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद किशोर की जान बचाई जा सकती थी।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि उजियारपुर थाना पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख आसपास के कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
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लोगों में आक्रोश
बाद में दलसिंहसराय के एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।