अरुणाचल प्रदेश सीमा के करीब असम के धेमाजी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 10वें मिसिंग यूथ फेस्टिवल में पहुंचे। उन्होंने बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं को संबोधित किया। गृह मंत्री ने ऐलान किया कि अर्धसैनिक बलों में मिसिंग समाज के युवाओं की स्पेशल भर्ती का कार्यक्रम चलाया जाएगा।
शाह ने दावा किया कि पांच साल में असम सरकार ने बिना सिफारिश एक लाख 56 हजार से ज्यादा नौकरियां दी। उन्होंने यह भी बताया कि जागीरोड में आने वाली सेमीकंडक्टर फैक्ट्री 27 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी देगी। दिसंबर 2026 के आखिर तक मेड इन असम चिप पूरी दुनिया तक पहुंच जाएगी। अपने संबोधन में अमित शाह ने असम के जनसांख्यिकीय परिवर्तन का भी मुद्दा उठाया।
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शाह ने कहा कि असम के सात जिले धुबरी, बारपेटा, दरांग, मारिगांव, बोंगाईगांव, नौगांव और गोलपारा आज घुसपैठिये बहुल हो गए हैं। इन जिलों में घुसपैठियों की आबादी जरा भी नहीं थी। कांग्रेस के 20 साल के अंदर यहां 64 लाख घुसपैठिये की आबादी हो गई है।
शाह ने बताया घुसपैठियों को कौन रोकेगा
शाह ने पूछा कि अगर घुसपैठियों को रोकना है तो क्या करना है? उन्होंने आगे कहा, 'मैं यह नहीं कहता हूं कि मेरा मिसिंग युवा हाथ में हथियार लेकर बॉर्डर पर घुसपैठियों को रोके। यह काम हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार करेगी। आप चिंता मत करो, लेकिन अगर आप घुसपैठियों को रोकना चाहते हो तो आने वाले चुनाव में फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बना दो।'
उन्होंने दावा किया कि तीसरी बार भाजपा सरकार बनने पर हम असम में घुसपैठियों न केवल रोकेंगे, बल्कि उन्हें चुन-चुनकर असम से बाहर निकालने का काम करेंगे। शाह ने आरोप लगाया कि दशकों तक कांग्रेस ने आंख मूंदकर रखी। नतीजा यह आया कि असम की पूरी जनसांख्यिकीय बदल गई। इसे रिवर्स करने का काम बीजेपी की ही सरकार करेगी। शाह ने दावा किया कि असम सरकार ने एक लाख 26 हजार एकड़ जमीन घुसपैठियों से मुक्त कराई है।
मिसिंग समाज भारत का प्रतीक है: शाह
अमित शाह ने कहा कि असम से डॉ. मनमोहन सिंह पूरे 10 साल राज्यसभा सांसद थे, लेकिन बोगीबील पुल पूरा नहीं हुआ। असम की जनता ने मोदी पर विश्वास किया, ये ब्रिज चार साल में पूरा करने का काम नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने कहा कि मिसिंग समाज ब्रह्मपुत्र घाटी की धड़कन है। मिसिंग संस्कृति असम और भारत की संस्कृति की आत्मा है। जीवंत पहचान है। आने वाले भारत का एक प्रतीक भी है।
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'मिसिंग की तरह है भारत का कल्चर'
अमित शाह ने कहा, 'मिसिंग यूथ फेस्टिवल ने पूरे देश के जनजातियों को एक अलग दिशा बताई है। अपने अधिकारों, संस्कृति, भाषा, साहित्य, नृत्य और संगीत की रक्षा करने का रास्ता यह यूथ फेस्टिवल है।' उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के कई लोग कहते हैं कि भारत की संस्कृति की बात करोगे तो किसी को छोटा दिखाओगे। उनको मालूम नहीं है, भारत की संस्कृति जैसे मिसिंग का कल्चर है, इसी तरह से अनेक कल्चर को मिलाकर ही भारत का कल्चर बनता है। यही दृष्टिकोण असम को आगे ले जा रहा है।'
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासन में अलग-अलग जनजातियां और समाज अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही थीं। कांग्रेस पार्टी सत्ता के मद में इन सभी को कुचलकर असम के अंदर रखना चाहती थी। 1995 में यहां एक संघर्ष हुआ और 1996 में अपने फैसला किया कि हम हथियार नहीं उठाएंगे। हम युवा महोत्सव के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।