उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक बुजुर्ग महिला की दुर्भाग्यपूर्ण मामला सामने आया है। बताया गया है कि महिला की रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर था और इसी की सर्जरी के लिए वह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराई गई थी। हैरानी की बात है कि डॉक्टरों ने इस महिला की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी करने के बजाय जांघ का ऑपरेशन कर दिया। नतीजा यह हुआ कि 71 साल की इस महिला की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, एक नाम की दो मरीज होने के चलते यह गड़बड़ हुई। अब इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया गया है।
मृतक महिला की पहचान अमृतपुर निवासी राधिका देवी के रूप में की गई है। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि एक ही नाम के दो मरीज होने की वजह से गलतफहमी में गलत ऑपरेशन हो गया। दूसरी महिला मरीज अपने पैर में फ्रैक्चर की शिकायत लेकर अस्पताल आई थी। बहरहाल, इस मामले में चार सदस्यों की समिति बना कर जांच की जा रही है। अमृतपुर की रहने वाली महिला राधिका देवी के पौत्र मृत्युंजय पाल के अनुसार, उसकी दादी को रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर की शिकायत पर 25 फरवरी 2026 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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कैसे हुई गड़बड़ी?
मृत्युंजय ने दावा किया है अस्पताल के डॉक्टर 7 मार्च को उसकी दादी को ऑपरेशन के लिए ले गए लेकिन रीढ़ के बजाय उनकी जांघ की सर्जरी कर दी। उन्होंने दावा किया, ‘जब कोई फ्रैक्चर नहीं पाया गया तो घाव पर टांके लगाए गए और उन्हें आईसीयू से बाहर लाया गया।’ मृत्युंजय ने आरोप लगाया कि ‘गलत ऑपरेशन’ के कारण उसकी दादी को कई तरह की समस्याएं होने लगीं जिसके बाद 18 मार्च को उसकी दादी का दोबारा ऑपरेशन किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह अस्पताल में ही भर्ती रहीं और 27 मार्च को उनकी मौत हो गई।
इस बीच, अस्पताल के सूत्रों के अनुसार यह मामला राधिका नाम की दो मरीज होने के कारण पैदा हुई गलतफहमी के चलते हुआ। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया है कि न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती की गई राधिका देवी को रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर की परेशानी थी जबकि ऑर्थोपेडिक्स विभाग में भर्ती की गई महिला का नाम भी राधिका (82) था, जिसके कारण गलतफहमी में यह घटना हो गई।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक एस. एन. शंखवार ने बताया कि उन्होंने इस घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।