उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर में एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल में जमकर बवाल हुआ। परिजनों ने मरीज का शव अस्पताल परिसर में रखकर काफी देर हंगामा किया। इजाल के दौरान हुई मौत से परिजन नाराज थे और कुछ ही समय में अस्पताल परिसर जंग का मैदान बन गया। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची लेकिन मामला और ज्यादा बिगड़ गया। हंगामा इतना व्यापक हो चुका था कि भीड़ ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया। इसकी कुछ वीडियो भी अब सामने आई हैं।
अस्पताल में एक मरीज कन्नौज से पाइल्स का इलाज करवाने के लिए आया था। 9 मई की दोपहर ब्लीडिंग के कारण मरीज गौरव सिंह को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एडमिट कराने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा, लेकिन शरीर में खून की कमी के चलते ऑपरेशन से पहले दो यूनिट ब्लड चढ़ाना होगा। एक यूनिट ब्लड चढ़ने के बाद भी गौरव की हालत गंभीर होती चली गई। 10 मई को इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक गौरव की मौत हो गई।
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जमकर किया हंगामा
गौरव की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल में कोहराम मचा दिया। परिवार के लोगों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए। मौके पर पुलिस की एक टीम पहुंची तो वहां 25-30 लोग हंगामा कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझाने व शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। इससे परिवार की महिलाएं भड़क गईं और वहां मौजूद पुलिस वाले को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी।
पीटा और वर्दी फाड़ी
रिपोर्ट्स के अनुसार, महिलाओं ने चौंकी इंचार्ज को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और फिर वर्दी भी फाड़ दी। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं रुकी। महिला दरोगा और कांस्टेबल को भी भीड़ ने पीटे दिया। मारपीट के दौरान महिला पुलिस कर्मी घायल भी हो गईं।
पुलिस फोर्स ने किया काबू
भीड़ के चंगुल से किसी तरह जान बचाकर भागकर दरोगा ने थाने में जानकारी दी कि पुलिस की टीम पर जानलेवा हमला हो गया है। इसकी सूचना मिलते ही डीसीपी और एसपी प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में छोड़कर ही फोर्स के साथ अस्पताल पहुंचे। इसके बाद पुलिस फोर्स ने वहां मौजूद महिलाओं को घेर लिया। मौके पर ही पुलिस ने 6 महिलाओं और 4 पुरुषों को भी हिरासत में लिया है। इसके बाद पुलिस ने गौरव के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
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पुलिस वालों पर लगाया आरोप
गौरव के परिवार की एक महिला ने उल्टा पुलिस की टीम पर ही आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'हमने नहीं मारा पुलिस वालों को। पुलिस वालों ने हमें पटक-पटक कर बहुत मारा है। हमारे मोबाइल छीन लिए। हम निकल नहीं रहे थे इसलिए मारा है। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
मौके पर मौजूद एक महिला दरोगा को चोटें लगी हैं। उन्होंने कहा, 'बहुत सारी महिलाएं थी लगभग 8-10 महिलाएं थीं और उन्होंने ही चौंकी इंचार्ज को मारा। हम लोग समझाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन वे नहीं मानी और हाथापाई पर उतारू हो गई। वे हम लोगों को डंडा उठाकर मारने लगी। '