महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई मौत को लेकर लगातार जांच करवाने की मांग उठाई जा रही है। विपक्ष के कुछ नेताओं को इसमें राजनीतिक षडयंत्र होने की भी बात लग रही है। ऐसे में जांच में एक नई बात सामने आई है कि एयरक्राफ्ट में लगे दोनों रिकॉर्डर दुर्घटना के दौरान की गर्मी नहीं झेल पाए और दोनों रिकॉर्डर जल गए।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) 28 जनवरी 2026 को बारामती में लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट VT-SSK से जुड़े एक्सीडेंट की डिटेल्ड जांच कर रहा है। यह जांच एयरक्राफ्ट (एक्सीडेंट और घटनाओं की जांच) रूल्स, 2017 और ICAO एनेक्स 13 के इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स और रिकमेंडेड प्रैक्टिस के हिसाब से की जा रही है।
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कहां तक पहुंची जांच?
अभी तक इसको प्लेन क्रैश के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। L3-कम्युनिकेशंस के बनाए डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) को AAIB फ्लाइट रिकॉर्डर लेबोरेटरी में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। हनीवेल के बनाए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की डिटेल्ड टेक्निकल जांच की जा रही है। डेटा निकालने में खास मदद के लिए स्टेट ऑफ मैन्युफैक्चर के एक्रेडिटेड रिप्रेजेंटेटिव से मदद मांगी गई है।
AAIB एक सबूतों के आधार पर पुख्ता जांच करने में लगा हुआ है। ब्यूरो ट्रांसपेरेंसी के लिए पूरी तरह से कमिटेड है और जांच के सही स्टेज पर आगे की जानकारी शेयर करेगा।
अचानक हुआ था क्रैश
28 जनवरी की सुबह महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी सीएम अजित पवार बारामती के लिए जा रहे थे। बारामती पहुंचकर लैंड करते वक्त अचानक से उनके प्लेन में आग लग गई। उस वक्त प्लेन क्रैश की वजह घना कोहरा बताया गया।
हालांकि, उस वक्त इस तरह की भी तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखने को मिलीं जिनमें दावा किया जा रहा था जब उनका प्लैन क्रैश हुआ उस वक्त कोहरा नहीं था, इसी को आधार बनाकर इस घटना की गहराई से जांच कराने की मांग की गई थी।
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सुनेत्रा पवार ने ली जगह
अजित पवार की मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा ने उनकी जगह ली और उनकी जगह पर उन्हें महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनाया गया। अब पार्टी की कमान भी उन्हीं को सौंपने की कवायद चल रही है। हालांकि, शरद पवार ने भी इस बात की संभावना जताई थी कि पहले की तरह दोनों पार्टियां मिलकर एक हो जाएंगी, लेकिन अभी तक इस तरह के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।