logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पेट्रोल नहीं मिल पाया तो बीच में रुक गई एंबुलेंस, मरीज की मौत हो गई

यूपी के बलिया में एक शख्स की तबीयत खराब हुई लेकिन उसे ले जाने वाली एंबुलेंस को पेट्रोल ही नहीं मिल पाया और मरीज की मौत हो गई।

ai generated image

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Chat GPT

शेयर करें

google_follow_us

ईरान संकट के बावजूद भारत सरकार लगातार दावा कर रही है कि कहीं पर भी तेल की कमी नहीं है। इसके बावजूद कई जगहों पर पेट्रोल पंपो पर लाइन लगती देखी जा रही है। कई पेट्रोल पंपों पर तेल न मिल पाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बलिया से आया है और एक शख्स के लिए जानलेवा साबित हुआ है। एंबुलेंस का पेट्रोल खत्म होने के बावजूद उसे पेट्रोल नहीं मिला और रास्ते में ही मरीज की मोत हो गई। अब इस मामले की जांच के लिए तीन अधिकारियों की एक जांच कमेटी बनाई गई है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय प्रधान अपनी निजील एंबुलेंस से मरीज को लेकर निकले थे लेकिन पेट्रोल कम होने के चलते 2 किलोमीटर बाद ही एंबुलेंस रुक गई। उस वक्त एसडीम को भी फोन किया गया लेकिन उनकी ओर से कोई मदद नहीं मिली। फिर तीन-चार मोटरसाइकिल मंगाकर उनका पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला गया लेकिन इस सबमें बहुत समय निकल गया। जब तक मरीज को लेकर अस्पताल तक पहुंचते तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

 

यह भी पढ़ें: किडनैपिंग केस के आरोपी ने पुलिस कस्टडी में कर ली आत्महत्या, 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड

 

कैसे हुई घटना?

यह मामला बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र का है। आरोप है कि पेट्रोल पंप से पेट्रोल न मिलने के कारण एक एंबुलेंस रास्ते में ही रुक गई। सप्लाई डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) देवमणि मिश्र ने बताया कि गुरुवार को यह मामला संज्ञान में आया। उन्होंने बताया कि बैरिया तहसील के पांडेपुर गांव निवासी छट्ठू शर्मा (50) की बुधवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें एक निजी एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जा रहे थे। 

 

DSO देवमणि मिश्र के अनुसार, 'इसी दौरान पेट्रोल खत्म होने से एंबुलेंस रास्ते में बंद हो गई। परिजन ने टेंगरही गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप से पेट्रोल देने का आग्रह किया लेकिन पंप संचालक ने पेट्रोल न होने का हवाला देकर इनकार कर दिया।' परिजन का आरोप है कि समय पर पेट्रोल न मिलने से छट्ठू को जिला अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

 

यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर देती थी ज्ञान, 3 करोड़ के ड्रग्स के साथ पकड़ी गई लड़की

 

डीएसओ देवमणि मिश्र का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और पेट्रोल पंप संचालक को आपात स्थिति में एंबुलेंस को पेट्रोल देना चाहिए था।उन्होंने बताया कि बैरिया के उप जिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और सहायक खाद्य अधिकारी की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है जिसने जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

Related Topic:#UP News

और पढ़ें