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'देशभक्ति थोपने से नहीं आती', बिहार सरकार के फैसले पर AIMIM का हमला

बिहार के AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने केंद्र और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति थोपने से नहीं आती है।

Akhtarul Iman attack samrat government for Vande Mataram

बिहार AIMIM अध्यक्ष अख्तरुल ईमान, Photo Credit: ANI

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बिहार के किशनगंज में AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने केंद्र और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा है। सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को अनिवार्य किए जाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया। इमान ने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे भावनात्मक मुद्दे सामने ला रही है।

 

अख्तरुल ईमान ने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसी असली समस्याओं से हटाने की कोशिश कर रही है। अख्तरुल इमान ने कहा कि देशभक्ति किसी दबाव या आदेश से नहीं थोपी जा सकती।

 

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अख्तरुल ईमान ने कहा कि जब भी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाना चाहती है, तब वह हिंदू-मुस्लिम या धर्म से जुड़े मुद्दों को सामने लाकर समाज को बांटने की कोशिश करती है। उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान हर नागरिक करता है, लेकिन इसे जबरन थोपना व्यक्तिगत आजादी के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और इसे लोगों की मर्जी पर छोड़ दिया जाए।

उर्दू शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

विधायक ने शिक्षा के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार में उर्दू शिक्षकों की भारी कमी है लेकिन सरकार उनकी भर्ती को लेकर गंभीर नहीं है। ईमान ने मांग की कि बच्चों को उनकी अपनी भाषा में शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि पढ़ाई का स्तर बेहतर हो सके और पिछड़े वर्ग के बच्चे भी आगे बढ़ सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने में पूरी तरह फेल साबित हुई है।

 

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सदन से सड़क तक विरोध की चेतावनी

वहीं, कोचाधामन के विधायक सरवर आलम ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार की चाल समझ चुकी है। लोग जान गए हैं कि बेरोजगारी और महंगाई जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे विवादित फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस आदेश का लोकतांत्रिक तरीके से विधानसभा से लेकर सड़क तक कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि वह विवाद पैदा करने के बजाय समाज में भाईचारा और विकास का माहौल बनाए।


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