संजय सिंह, पटना: बिहार सरकार ने एक बड़ी मीटिंग की और राज्य को बेहतर बनाने के लिए 20 बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में हुई इस बैठक का सबसे खास हिस्सा है 'बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन'। सरकार चाहती है कि अब सारा काम नई तकनीक से हो ताकि सिस्टम पारदर्शी बने और लोगों की परेशानियां जल्दी दूर हों।
बिहार को एआई (AI) का हब बनाने के लिए सरकार ने अनोखा फैसला लिया है। अब राज्य के मंत्री, विधायक, अधिकारी और कर्मचारी भी एआई की ट्रेनिंग लेंगे। इसके लिए सी-डैक, आईआईटी, नाईलिट और सीआईएमपी जैसे संस्थानों की मदद ली जाएगी। इसका इस्तेमाल खेती, खजाना, मानव संसाधन, समाज कल्याण और पर्यटन जैसे विभागों में बेहतर फैसले लेने के लिए होगा।
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शहरों में चलेंगी 400 इलेक्ट्रिक बसें
शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में 400 इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जाएंगी। पीएम ई-बस योजना के तहत पटना को 150 और बाकी शहरों को 50-50 बसें मिलेंगी। यह योजना साल 2026-27 से अगले 12 सालों तक लागू रहेगी। इसके लिए सरकार ने 203 करोड़ रुपये की कैश गैप सब्सिडी भी मंजूर की है।
नगर निकाय चुनाव में ई-वोटिंग
बिहार में अब डिजिटल लोकतंत्र की शुरुआत हो रही है। नगरपालिका चुनावों में अब ई-वोटिंग की सुविधा मिलेगी। इसका फायदा बुजुर्गों, दिव्यांगों, गंभीर बीमारों और अपने शहर से बाहर रह रहे मतदाताओं को मिलेगा। वे घर बैठे या कहीं से भी अपना वोट डाल सकेंगे।
सीतामढ़ी में बन रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का नाम अब 'माता सीता' के नाम पर होगा। वही पटना एयरपोर्ट को बड़ा बनाने के लिए उसके पास वाली बियाडा (Bihar Industrial Area Development Authority) की 1.85 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को मुफ्त में दे दी गई है ताकि वहां यात्रियों के लिए नई सुविधाएं बन सकें।
सड़कों के लिए 16 हजार करोड़ का बजट
अगले 7 सालों की 19,305 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत पर करीब 15,967 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही खास सड़कों और पुलों पर 'रोड यूजर फीस' यानी टोल ली जाएगी। इसके अलावा शहरों के विकास के लिए वर्ल्ड बैंक से 500 मिलियन डॉलर का कर्ज लेने को भी मंजूरी दी गई है।
30 जून 2026 तक का समय
बिहार में फैक्ट्रियां लगाने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए 'औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025' की तारीख बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दी गई है। साथ ही, 'बिहार भवन संशोधन उपविधि-2026' को मंजूरी दी गई है जिससे बिल्डिंग बनाने का नक्शा पास कराना और दूसरी परमिशन लेना आसान और तेज हो जाएगा।
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बक्सर, सारण और वैशाली जिलों में गंगा और दूसरी नदियों के कटाव को रोकने के लिए सरकार बड़े बांध और सुरक्षा के कां कराएगी। इससे वहां रहने वाले हजारों परिवारों के घर और खेतों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।