संजय सिंह, पटना: बिहार सरकार जमीन की रजिस्ट्री को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। अब रजिस्ट्री से पहले जमीन की जांच मोबाइल एप और जीआईएस (Geographic Information System) तकनीक से की जाएगी। यह एप जमीन की सही लोकेशन को खुद रिकॉर्ड कर लेगा और उसे सीधे सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ देगा। इससे कर्मचारियों का दखल कम होगा, जिससे काम में ईमानदारी आएगी और जमीन की असली स्थिति का पता मौके पर ही चल जाएगा। इस नई व्यवस्था से फर्जी रजिस्ट्री और जमीन के झगड़ों पर रोक लगेगी।
आम जनता की सुविधा के लिए सरकार अब 'वन-पेज मॉडल डीड' लाने की तैयारी में है। अभी रजिस्ट्री के कागज बहुत लंबे-चौड़े और उलझे हुए होते हैं लेकिन अब सिर्फ एक पेज के डॉक्यूमेंट से पूरी प्रोसेस आसान हो जाएगी और इसे समझना भी सरल होगा। इसके साथ ही, विभाग ने 1995 से अब तक के करीब 2.34 करोड़ कागजों को ऑनलाइन कर दिया है। अब सरकार का टारगेट है कि साल 1908 से 1994 तक के करीब 5 करोड़ पुराने रिकॉर्ड्स को भी इसी साल के अंत तक डिजिटल कर दिया जाए ताकि लोग घर बैठे आसानी से पुराने रिकॉर्ड देख सकें।
यह भी पढ़ें: टीचर ने बच्चे को डंडे से पीट-पीटकर हाथ तोड़ा, केस दर्ज, स्कूल बंद करने की मांग
कमाई के आंकड़े
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग ने 2025-26 में 8,403 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है जो कि तय किए गए टारगेट से भी ज्यादा है। अगले साल के लिए 10,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को सिर्फ एक ही दिन में करीब 15 हजार जमीनों की रजिस्ट्री हुई। इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से अब तक 7.86 लाख से ज्यादा संपत्तियां महिलाओं के नाम पर रजिस्टर की गई हैं जिसमें लगभग 60 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन शामिल है।
शराबबंदी के 10 साल
बिहार में शराबबंदी के 10 साल पूरे होने पर विभाग ने अपनी उपलब्धियां बताई। इस दौरान करीब 11.37 लाख मामले दर्ज किए गए और 17 लाख से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने करोड़ों लीटर देशी-विदेशी शराब बरामद की है। साल 2022 से अब तक ड्रोन की मदद से 1.64 लाख से ज्यादा बार छापेमारी की गई, जिससे अवैध शराब के अड्डों को हटा दिया गया है। पकड़ी गई शराब में से 98% को नष्ट कर दिया गया है और तस्करी में शामिल 1.67 लाख वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।
यह भी पढ़ें: नशे में लड़खड़ाते हुए पहुंचा दूल्हा, दुल्हन ने शादी करने से कर दिया इनकार
शादी का रजिस्ट्रेशन
जमीन और शराबबंदी के अलावा विभाग ने समाज से जुड़े कामों की भी जानकारी दी। पिछले साल स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत 10,259 शादियों का रजिस्ट्रेशन किया गया। इसके साथ ही, राज्य में बिजनेस और सोशल वर्क को बढ़ावा देने के लिए 289 नई संस्थाओं और 306 फर्मो का भी पंजीकरण किया गया है। सरकार इन सभी नई सुविधाओं को इसी साल लागू करने की पूरी कोशिश कर रही है।