संजय सिंह, पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा राजनीति में महिलाओं को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान पर अब सियासी तापमान तेज हो गया है। इस बयान के विरोध में बिहार सरकार की पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे न सिर्फ महिलाओं का अपमान बताया, बल्कि समाज की मर्यादा पर सीधा आघात करार दिया।
बीजेपी प्रदेश कार्यालय में श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे अमर्यादित बयान किसी एक व्यक्ति की सोच नहीं होते, बल्कि यह उस मानसिकता को उजागर करते हैं, जिसमें महिलाओं के प्रति सम्मान का अभाव है। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी करते हैं, उन्हें देश की हर महिला से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। श्रेयसी सिंह ने इस मुद्दे को राजनीतिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा।
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राहुल गांधी से भी किया सवाल
उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से सवाल करते हुए पूछा कि क्या वे इस बयान से सहमत हैं या फिर पप्पू यादव को संरक्षण दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव से भी स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी और एनडीए का हर कार्यकर्ता नारी सम्मान के मुद्दे पर पूरी मजबूती से खड़ा है और ऐसे बयान देने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। श्रेयसी सिंह ने यह भी याद दिलाया कि पप्पू यादव की पत्नी स्वयं संसद का हिस्सा रह चुकी हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वे अपने ही परिवार की महिलाओं के लिए भी इसी तरह की सोच रखते हैं।
नेताओं की चुप्पी से हैरानी
मौजूदा विधायक संगीता कुमारी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान नारी के स्वाभिमान, अस्मिता और सम्मान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि भारत वह भूमि है जहां महिलाओं को पूजनीय माना जाता है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है।
एमएलसी अनामिका सिंह पटेल ने इसे एक सोची-समझी टिप्पणी बताते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत बयान नहीं, बल्कि उस राजनीतिक विचारधारा को भी दर्शाता है, जिसके तहत पप्पू यादव राजनीति करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले पर विपक्ष के बड़े नेताओं की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।
मैथिली ठाकुर ने भी उठाए सवाल
विधायक मैथिली ठाकुर ने भावनात्मक पहलू को उठाते हुए कहा कि कोई भी महिला कठिन संघर्ष के बाद किसी मुकाम तक पहुंचती है। ऐसे में किसी प्रोफेशन को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना न केवल उस महिला, बल्कि उसके परिवार के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने पप्पू यादव से बिना शर्त माफी की मांग की।
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पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नारी सम्मान के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। अब देखना यह है कि पप्पू यादव इस बढ़ते दबाव के बीच क्या रुख अपनाते हैं और क्या वे अपने बयान पर माफी मांगते हैं या सियासी विवाद और गहराता है।