उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार 10 मई को हुआ, जिसमें 8 विधायकों को मंत्री बनाया गया। इसके बाद सीतापुर की महमूदाबाद सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक आशा मौर्य का दर्द सामने आया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर नाराजगी जताई, हालांकि बाद में उसे डिलीट भी कर दिया। अपने पोस्ट में आशा मौर्य ने कहा कि पार्टी में बाहर से आए बागी और दलबदलू नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
लखनऊ में हुए समारोह में इस बार अनुभवी नेताओं के साथ-साथ जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी मौका दिया गया। पूर्व BJP प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और SP से बगावत करने वाले नेता मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर की जिम्मेदारी बढ़ाते हुए उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया। इसके अलावा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।
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आशा मौर्य का छलका दर्द
आशा मौर्य ने पहली पोस्ट में लिखा था, 'आप सभी पत्रकार बंधुओं, पूरे देश-प्रदेश से आए फोन कॉल, सोशल मीडिया पर शुभचिंतकों, समर्थकों एवं स्नेह रखने वाले व्यक्तियों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद। आपका स्नेह और विश्वास ही मेरी ताकत है। यह भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं, विशेषकर हम जैसे मौर्य समाज के संघर्षशील एवं निष्ठावान लोगों की आवश्यकता नहीं दिखाई दे रही, बल्कि बाहर से आए हुए बागी एवं दलबदलू नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'वर्षों से पार्टी और संगठन के लिए समर्पण भाव से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कहीं न कहीं पीड़ादायक है। फिर भी हम समाज, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ते रहेंगे।' यह पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद आशा मौर्य ने यह पोस्ट डिलीट कर दी और फिर एक नई पोस्ट शेयर की।

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दूसरी पोस्ट में बदले सुर
इसके बाद दूसरी पोस्ट डालकर आशा मौर्य ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'आपके स्नेह और समर्थन ने मुझे समाज व संगठन के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा दी है।' उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों से वह पार्टी व संगठन के लिए काम कर रही हैं। समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते कहीं न कहीं मन में थोड़ी पीड़ा हुई है, लेकिन यह पीड़ा मेरे संकल्प को कमजोर नहीं करेगी।
आशा मौर्य ने कहा कि, 'मैं पहले भी पार्टी एवं संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रही हूं और आगे भी सदैव संगठन और समाज के लिए कार्य करती रहूंगी।'