उत्तर प्रदेश पुलिस में एएसपी अनुज चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं। यूपी के संभल में 2024 में हुई हिंसा मामले में कोर्ट ने आरोपियों के अलावा कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इन पुलिसकर्मियों में एएसपी अनुज चौधरी का नाम भी शामिल था। अनुज चौधरी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का ट्रांसफर कर दिया गया है। अब उनके ट्रांसफर पर बवाल हो रहा है।
सीजेएस विभांशु सुधीर का ट्रांसफर संभल से सुल्तानपुर कर दिया गया है। वह अब सुल्तानपुर के सिविल जज, सीनियर डिवीजन होंगे। इस ट्रांसफर को डिमोशन के तौर पर देखा जा रहा है। उनके ट्रांसफर को राजनीति से प्रेरित और एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ फैसले के कारण बताया जा रहा है।
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वकीलों ने किया प्रदर्शन
सीजेएम विभांशु चौधरी के ट्रांसफर पर अब संभल कोर्ट के बाहर वकीलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नाराज वकीलों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की है। वकीलों के प्रदर्शन के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में वकीलों की भीड़ देखी जा सकती है।
नाराज वकील नारे लगा रहे हैं, 'योगी जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है। गुंडागर्दी नहीं चलेगी। तानाशाही नहीं चलेगी। सीजेएम साबह को वापस लाओ।' वकीलों का आरोप है कि निष्पक्ष फैसले लेने वाले जज को हटाया गया है। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी लोग इस ट्रांसफर के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि अनुज चौधरी को सरकार का समर्थन प्राप्त है। इसलिए उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई करेगा सरकार उस पर ऐक्शन लेगी।
पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR
कोर्ट के आदेश के बाद भी उत्तर प्रदेश पुलिस ने अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज नहीं की। कोर्ट के आदेश के बाद से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई थी। संभल पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कोर्ट के आदेश को नहीं माना। उन्होंने कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने की बात कही है।
सीजेएम विभांशु सुधीर के ट्रांसफर के बाद प्रशासन पर सवाल उठने लगे तो सफाई भी सामने आई। प्रशासनिक स्तर पर इसे नियमित ट्रांसफर प्रोसेस बताया जा रहा है लेकिन उनकी ट्रांसफक की टाइमिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।