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संभल हिंसा में ASP अनुज चौधरी पर FIR का आदेश देने वाले जज का हुआ ट्रांसफर

संभल हिंसा मामले में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए CJM विभांशु सुधीर ने अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

ASP Anuj Chaudhary

अनुज चौधरी। Photo Credit (@wrestleranuj)

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उत्तर प्रदेश के संभल में 2024 में हिंसा हुई थी। अब इस हिंसा मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस हिंसा मामले में आरोपियों के अलावा कोर्ट ने एक हफ्ते पहले दर्जनभर से भी ज्यादा पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इन पुलिसकर्मियों में ASP अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 15 से 20 पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं। मगर, अनुज चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का ट्रांसफर कर दिया गया है। उनका ट्रांसफर संभल से सुल्तानपुर कर दिया गया है। सुधीर अब सुल्तानपुर का सिविल जज, सीनियर डिवीजन होंगे।

 

उन्होंने 19 जनवरी को संभल पुलिस को नवंबर 2024 में संभल हिंसा के दौरान एक युवक को गोली मारने के मामले में उस समय के सर्कल ऑफिसर (CO) अनुज चौधरी और SHO के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। संभल पुलिस ने कहा है कि वे CJM कोर्ट के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट जाएंगे।

याचिका पर सुनवाई

खबर के मुताबिक, संभल जिले में हुई हिंसा के दौरान आलम नाम का एक युवा घायल हो गया था, उसके पिता यमन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए CJM विभांशु सुधीर ने यह आदेश दिया था। CJM ने ASP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 15 से 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट का यह आदेश संभल हिंसा प्रकरण में पुलिस की भूमिका को लेकर बेहद अहम माना जा रहा था। मगर, फैसले के बाद जज का ही ट्रांसफर कर दिया गया है।  

 

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पुलिस महकमे में हलचल तेज

कोर्ट के इस आदेश के बाद यूपी और संभल जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई थी। ऐसे में संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कोर्ट के आदेश को ना मानते हुए ऊपर अपील करने की बात कही। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि पुलिस इस आदेश के तहत केस दर्ज नहीं करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी और इसके खिलाफ अपील दायर की जाएगी।

 

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मामले ने लिया नया मोड़

अब CJM विभांशु सुधीर के ट्रांसफर के बाद इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उनके ट्रांसफर को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसे नियमित तबादला प्रक्रिया बताया जा रहा है, मगर समय और परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला सवालों के घेरे में आ गया है।

इनका हुआ ट्रांसफर

बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंगलवार को संभल के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर समेत 14 ज्यूडिशियल अधिकारियों का ट्रांसफर किया था। चंदौसी में संभल के सिविल जज, सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने विभांशु सुधीर की जगह ली है। जिन जजों का ट्रांसफर हुआ है उनमें- कन्नौज के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरेंद्र नाथ को एक्सक्लूसिव POCSO केस कोर्ट में कन्नौज का एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज/स्पेशल जज बनाया गया है। वे अलका यादव की जगह लेंगे, जो गोंडा में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज/स्पेशल जज के तौर पर ज्वाइन करेंगी।
 

इसके अलावा, गोंडा के स्पेशल जज/एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज, विकास को गोंडा का एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) बनाया गया है। सीतापुर की एडिशनल सिविल जज, उरूज फातिमा, अंशु शुक्ला की जगह सीतापुर की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट होंगी। अंशु शुक्ला को सीतापुर का सिविल जज, सीनियर डिविजन बनाया गया है।

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