मध्य प्रदेश के खरगोन में एक बड़ा मुशायरा चल रहा था, जहां देश भर से शायर आए थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन जैसे ही मशहूर शायर अबू बकर जिया ने अपनी शायरी की कुछ लाइनें पढ़ीं, वहां मौजूद लोग अचानक गुस्सा हो गए। भीड़ ने न सिर्फ स्टेज पर अंडे फेंके, बल्कि कई लोग तो मंच पर चढ़ गए और शायर के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने लगे। इस घटना का वीडियो अब इंटरनेट पर खूब देखा जा रहा है।
झगड़ा तब शुरू हुआ जब शायर अबू बकर जिया ने समाज और मस्जिद के सदर पर तंज कसते हुए शायरी की यह लाइने पढ़ी, 'मस्जिद के सदर ने तो यूं सिक्का जमा लिया, माल-ए-हराम पाके बड़ा घर बना लिया। दिन-रात अपनी क्यों न करे वो शिकायतें, मुखबिर को हमने कौम का रहबर बना लिया।' उनके शेर का मतलब कुछ ऐसा था कि 'मस्जिद के अध्यक्ष ने गलत तरीके से पैसा कमाकर अपना घर बना लिया है और हमने गलत इंसान को अपना नेता मान लिया है। यह सुनते ही वहां मौजूद कुछ लोग भड़क गए। उन्हें लगा कि यह बात उनके धर्म और समाज का अपमान है, और इसी बात पर हंगामा खड़ा हो गया।
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गला दबाया, दाढ़ी नोची
अबू बकर जिया ने पुलिस को बताया कि करीब 20-30 लोग अचानक से उन पर टूट पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों ने उनका गला दबाने की कोशिश की और उनकी दाढ़ी भी खींची गई। उनका कहना है कि भीड़ के बीच किसी ने उनके पैसे, घड़ी, फोन भी छीन लिया। वहां मौजूद कुछ नेताओं और आयोजकों ने जैसे-तैसे उन्हें वहां से बचाकर निकाला।
दूसरे शायर को लगा अंडा
हंगामा इतना बढ़ गया था कि गुस्से में कुछ लोगों ने मंच की तरफ अंडे फेंकने शुरू कर दिए। उन लोगों का निशाना तो शायर अबू बकर जिया थे, लेकिन अंडा गलती से वहां बैठे एक दूसरे शायर अपूर्व विक्रम शाह को जा लगा। इस पूरे शोर-शराबे और हमले की वजह से मुशायरे को तुरंत रोकना पड़ा और वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
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पुलिस क्या कर रही है?
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। दोनों तरफ से बातें सामने आई हैं। शायर का कहना है कि उनके साथ मारपीट और लूटपाट हुई है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि शायर ने भड़काऊ बातें कहीं जिससे लोगों की भावनाएं को ठेस पहुंची हैं। पुलिस अब वहां के वीडियो देख रही है ताकि उन लोगों की पहचान कर सके जिन्होंने मारपीट की शुरुआत की थी।