दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक ड्रग स्मगलिंग गैंग का भंडाफोड़ किया है जो पुलिस से बचने के लिए फैमिली ट्रिप का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने पति-पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया और 1.504 किलोग्राम हेरोइन जब्त की। इस कंसाइनमेंट की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में लगभग 7.5 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नारायणा के रहने वाले 46 साल के आरिफ खान और उसकी 30 साल की पत्नी शिखा अली के तौर पर हुई है। क्राइम ब्रांच को खुफिया जानकारी मिली थी कि आरिफ उत्तर प्रदेश के बरेली से ड्रग्स की बड़ी खेप लाकर दिल्ली- एनसीआर में सप्लाई कर रहा है। चालाक आरिफ ने पुलिस से बचने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला था। वह अक्सर रात में अपनी पत्नी शिखा के साथ अपनी टैक्सी में ड्रग्स ले जाता था। ताकि सुरक्षाकर्मियों को लगे कि यह कोई फैमिली ट्रिप कर रहा है।
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दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने बिछाया था जाल
सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली-गाजियाबाद-भोपुरा बॉर्डर पर जाल बिछाया। 10 फरवरी की रात जैसे ही आरिफ खान की कार दिल्ली में दाखिल हुई, पुलिस ने उसे दबोच लिया। कार की तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए। दंपती के पास से 303 ग्राम और पिछली सीट पर रखे बैग से 1007 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
पूछताछ में सामने आया कि आरिफ खान पढ़ा-लिखा है और पहले गाजीपुर में अकाउंटेंट की नौकरी करता था। कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरी जाने के बाद उसने टैक्सी चलानी शुरू की। इसी दौरान वह बरेली के ड्रग माफियाओं के संपर्क में आया और जल्दी पैसा कमाने के लालच में तस्करी की दुनिया में उतर गया। उसकी पत्नी शिखा को इस काले कारोबार की पूरी जानकारी थी और वह इस साजिश में बराबर की भागीदार थी।
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आरिफ की निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार को भलस्वा डेयरी निवासी जुम्मन के घर छापा मारा। वहां से 194 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। जुम्मन पेशे से इलेक्ट्रीशियन है और आरिफ से ड्रग्स खरीदकर स्थानीय इलाकों में बेचता था।
पुलिस अब बरेली के उस मुख्य सरगना की तलाश कर रही है जो इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है। फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।