दिल्ली के जफरपुर कलां गांव में रविवार तड़के 2:30 बजे एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। 21 साल के फूड डिलीवरी एजेंट पांडव कुमार की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त कृष्ण घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल नीरज ने उन पर गोली चलाई।
पुलिस के मुताबिक, पांडव कुमार और उनका दोस्त कृष्ण एक दोस्त के घर पर जन्मदिन पार्टी से लौट रहे थे। वे सड़क पर खड़े होकर बात कर रहे थे। उसी समय नीरज, जो सड़क के दूसरी तरफ रहता है, नीचे आया और उनसे बहस करने लगा। बहस के दौरान नीरज ने कथित तौर पर पांडव कुमार पर बहुत पास से गोली चला दी। गोली सीधे कुमार की छाती में लगी, छाती को भेदकर निकली और पीछे बैठे कृष्ण को पेट के दाहिने हिस्से में लग गई। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांडव कुमार को मृत घोषित कर दिया। कृष्ण का इलाज चल रहा है।
परिवार का आरोप
परिवार का कहना है कि उन्हें जातिवादी गाली दी और बिहार का पता चलते ही गोली मारी। मृतक पांडव कुमार के परिवार ने आरोप लगाया है कि नीरज नशे में था और उसने बिना किसी वजह से गोली चलाई। परिवार का कहना है कि नीरज ने पहले सड़क पर खड़े होने पर आपत्ति जताई और फिर कुमार से उनकी जाति पूछी।
पांडव की मां मीना देवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'जैसे ही उसे पता चला कि हम बिहार के रहने वाले हैं, उसने गोली मार दी और भाग गया। मेरा बेटा बेकसूर था। वह परिवार की मदद के लिए मेहनत कर रहा था। मुझे अपने बेटे का न्याय चाहिए। आरोपी को सख्त सजा मिलनी चाहिए।'
पांडव कमाने वाला अकेला था
एक रिश्तेदार ने बताया कि पांडव परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नीरज दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात है, हालांकि परिवार का दावा है कि वह हेड कांस्टेबल है। पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
नीरज हरियाणा के रोहतक जिले के बहु अकबरपुर गांव का रहने वाला है और पिछले 15 साल से अकेला दिल्ली में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी नीरज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वह फरार है और पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बहस कैसे शुरू हुई और क्या हुआ।
स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने जफरपुर कलां पुलिस स्टेशन पर पहुंचकर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।