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हमले में मारे गए विनय की पत्नी ने मुस्लिमों को लेकर अब क्या कह दिया?

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट जनरल विनय नरवाल की पत्नी ने मुस्लिमों को टारगेट न करने की अपील की है।

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ब्लड डोनेशन कैंप मेे हिमांशी, Photo Credit: social media

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पहलगाम हमले में कुल 26 लोगों को मार डाला गया। इस हमले की सबसे अहम बात यह रही कि लोगों का धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी गई। धर्म पूछे जाने की वजह से देशभर के कई हिस्सों में मुस्लिमों को परेशान करने की खबरें भी आईं। इसी हमले में मारे गए नेवी के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार ने अब नफरत बो रहे लोगों को नसीहत दी है। हमले में मारे गए विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने लोगों से अपील की है कि वे मुस्लिमों को परेशान न करें और आपसी भाईचारा बनाए रखें। हमले के बाद से ही यह देखा गया है कि सोशल मीडिया पर भी मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। 

 

लेफ्टिनेंट विनय नरवाल 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए थे। उनकी हाल ही में शादी हुई थी और शादी के बाद आज उनका पहला जन्मदिन था। विनय के जन्मदिन के मौके पर परिवार वालों ने एक ब्लड डोनेशन कैंप लगाया। इस कैंप में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। पहलगाम हमले के बाद से ही देशभर के कुछ हिस्सों से मुस्लिमों खास कर कश्मीरी मुस्लिमों को कुछ लोग परेशान कर रहे हैं। विनय की पत्नी हिमांशी ने इन घटनाओं का जिक्र करते हुए सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले के दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

 

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भावुक हो गईं हिमांशी

 

इस ब्लड डोनेशन कैंप में आसपास के इलाके से भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। हिमांशी इस कैंप के दौरान काफी भावुक हो गई थीं। हिमांशी ने कहा, 'मैं अपने पति के दिखाए देशभक्ति के रास्ते पर आगे बढूंगी। मुझे देश की सेवा करनी है। देश के लोगों को विनय के लिए प्रार्थना करनी चाहिए वह जहां भी हों सुखी हों। हम आज यहां शोक जताने के लिए नहीं आए हैं बल्कि हम उनकी देशभक्ति के जज्बे के सम्मान में इकट्ठा हुए हैं। '

 

इस कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया और विनय को श्रद्धांजलि दी। हिमांशी ने कहा,  'इस हमले के बाद कई जगह लोग मुस्लिम समुदाय के लोगों को टारगेट कर रहे हैं जोकि गलत है। हमें ऐसा नहीं करना है। हम सभी को मिलकर इस हमले के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवानी है।'

 

हनीमून पर गए थे पहलगाम

 

विनय और हिमांशी की शादी इसी साल 16 अप्रैल को हुई थी और 19 अप्रैल को रिसेप्शन था। शादी के बाद दोनों हनीमून मनाने कश्मीर गए थे। 22 तारीख को दोनों कश्मीर के पहलगाम में थे जहां आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। विनय नरवाल भी इन 26 लोगों में से एक थे जिनका धर्म पूछकर आतंकियों ने मार दिया था। विनय और हिमांशी शादी के 6 दिन बाद ही इस आतंकी हमले के कारण एक दूसरे से हमेशा के लिए बिछड़ गए।

 

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विनय की याद में लगाया ब्लड डोनेशन कैंप

 

विनय की याद में परिवार ने उसके जन्मदिन के मौके पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाया। इस कैंप में विनय की पत्नी के अलावा परिवार के बाकी सभी लोग भी शामिल थे। विनय की बहन सृष्टि ने कहा कि मैं यहां आए सभी लोगों की आभारी हूं, जो इस मुश्किल समय में मेरे परिवार के साथ खड़े रहे। सृष्टि ने कहा, 'हम ब्लड डोनेशन कैंप इसलिए चला रहे हैं ताकि किसी की जिंदगी को बचाया जा सके। मैंने अपने भाई को खोया है और मैं अपनों को खोने का गम समझ सकती हूं।

 


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