संजय सिंह, पटना: बिहार के सुपौल में तैनात निबंधन कार्यालय के अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उनकी आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में एक्शन लिया है। कोर्ट के आदेश के बाद EOU की टीम ने एक साथ उनके 5 ठिकानों पर छापा मारा।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अमरेंद्र कुमार के पास उनकी कमाई से करीब 65.08% ज्यादा संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। काफी समय से उनके खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद शुरुआती जांच हुई और अब यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
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पटना से आई टीम ने कई जगहों पर मारा छापा
पटना से आई विशेष टीम ने सुपौल, पटना और सारण जिले के जवैनियां गांव समेत कुल पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। EOU के DSP सुनील कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई। छापेमारी शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पैतृक घर की करीब ढाई घंटे तक तलाशी ली गई। वहां से कोई बड़ी चीज बरामद नहीं हुई लेकिन अन्य ठिकानों से जमीन के कागज, निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और कुछ नकदी मिलने की बात सामने आई है। इससे मामला और गंभीर हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अमरेंद्र कुमार ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियां बना रखी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन संपत्तियों का साफ आय स्रोत नहीं दिख रहा है। EOU अब जब्त किए गए दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
EOU अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है और मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच के दायरे में और लोग आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ी तो संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ भी की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अमरेंद्र कुमार का अपने पैतृक गांव में आना-जाना बहुत कम था, जिससे उनकी संपत्तियों को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं थी। EOU की इस कार्रवाई के बाद अब गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक इस मामले की चर्चा जोरों पर है।
फिलहाल, आर्थिक अपराध इकाई पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस हाई-प्रोफाइल मामले में नए खुलासे होने की उम्मीद भी बढ़ती जा रही है। यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कानून के शिकंजे से बच पाना अब आसान नहीं रहा।