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बिहार: DM के नाम से बनाया फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

बिहार के मुजफ्फरपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां डीएम के नाम से एक फर्जी अकाउंट वियतनाम के मोबाइल नंबर से बनाया गया। डीएम का फोटो लगाकर लोगों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।

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प्रतीकात्मक फोटो। (AI Generated Image)

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मुजफ्फरपुर में साइबर अपराधियों ने इस बार ठगी के लिए ऐसा तरीका अपनाया है, जिसने प्रशासनिक महकमे तक को सतर्क कर दिया है। साइबर ठगों ने जिले के डीएम सुब्रत कुमार सेन के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। खास बात यह है कि यह अकाउंट एक विदेशी नंबर, यानी वियतनाम के मोबाइल नंबर से संचालित किया जा रहा था।

डीएम की फोटो लगाकर लोगों को भेजे जा रहे थे मैसेज

जानकारी के मुताबिक साइबर अपराधियों ने डीएम की प्रोफाइल फोटो और नाम का इस्तेमाल कर लोगों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। आशंका है कि अपराधियों का मकसद लोगों का भरोसा जीतकर उनसे पैसे, बैंक डिटेल या ओटीपी हासिल करना था। 

 

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जैसे ही मामले की भनक जिला प्रशासन को लगी, तुरंत लोगों को अलर्ट जारी किया गया। प्रशासन ने साफ किया कि डीएम का इस तरह का कोई व्हाट्सएप अकाउंट नहीं है और न ही वे किसी से सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए आर्थिक मदद मांगते हैं।

सरकारी अधिकारियों के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी

जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि साइबर ठग अब सरकारी अधिकारियों और प्रतिष्ठित लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं। पहले लोगों का भरोसा जीता जाता है, फिर उनसे बैंक डिटेल, ओटीपी, एटीएम पिन और निजी जानकारी मांगकर ठगी की जाती है। 

 

डीएम सुब्रत कुमार सेन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नंबर, विदेशी कॉल या अनजान प्रोफाइल से आए मैसेज पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत रूप से सोशल मीडिया के जरिए पैसे नहीं मांगता।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

ओटीपी, एटीएम पिन और बैंक डिटेल किसी से साझा न करें, संदिग्ध व्हाट्सएप प्रोफाइल की हिस्ट्री और गतिविधि जांचें, केवल सत्यापित सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट को ही फॉलो करें, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, विदेशी नंबर से आए मैसेज पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

तुरंत करें शिकायत

अगर किसी को इस फर्जी अकाउंट से मैसेज मिले तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर तुरंत स्थानीय थाना, साइबर सेल या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। फिलहाल साइबर सेल मामले की जांच में जुटी है और फर्जी अकाउंट संचालित करने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

 

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बढ़ता साइबर खतरा, नई चुनौती

यह मामला सिर्फ एक फर्जी अकाउंट का नहीं, बल्कि तेजी से बदलते साइबर अपराध के नए चेहरे का संकेत है। अब ठग आम लोगों ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर भरोसे की आड़ में लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा बन गई है।


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