महाराष्ट्र के डीजीपी पद से रश्मी शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के सात दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र के गृह विभाग को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में रश्मी शुक्ला ने आरोप लगाया कि पूर्व डीजीपी संजय पांडे ने यूएलसी घोटाले में सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को फंसाने का प्रयास किया था। उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। बीएमसी चुनाव के बीच इस खुलासे से महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है।
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक रश्मी शुक्ला ने अपनी सेवानिवृत्ति से चार दिन पहले ही गृह विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें दावा किया कि 2021 में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को फर्जी मामले में फंसाने की साजिश रची गई थी। खुलासे के मुताबिक पूर्व डीजीपी संजय पांडे ने पूरी पटकथा लिखी थी। साजिश के मुताबिक देवेंद्र फडणवीस को बिल्डरों से जबरन वसूली के आरोप में फंसाना था।
यह भी पढ़ें: ED हो या CBI ममता बनर्जी केंद्रीय एजेंसियों से भिड़ कैसे जाती हैं? ताकत समझिए
रिपोर्ट में कहा गया कि तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे ने अधिकारियों पर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को गिरफ्तार करने का दबाव बनाया था। इसके अलावा ठाणे के डीसीपी लक्ष्मीकांत पाटिल और एसीपी सरदार पाटिल को दोनों नेताओं को पकड़ने का निर्देश भी दिया था। 2016 के यूएलसी घोटाले में संजय पुनामिया को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। रश्मी शुक्ला की रिपोर्ट में पुनामिया का भी उल्लेख है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुनामिया ने एक ऑडियो क्लिप सौंपी थी। इसमें डीसीपी लक्ष्मीकांत पाटिल और एसीपी सरदार पाटिल और डीजीपी संजय पांडे आपस में देवेंद्र फडणवीस को फंसाने की बात कर रहे हैं। यह भी बताया कि मामले से सीधे तौर पर जुड़े न होने के बावजूद लक्ष्मीकांत पाटिल ने संजय पुनामिया और सुनील जैन से घोटाले के संबंध में पूछताछ की।
यह भी पढ़ें: तो रुकेगा पॉक्सो का दुरुपयोग! SC ने 'रोमियो-जूलियट' खंड जोड़ने को क्यों कहा?
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि लक्ष्मीकांत पाटिल ने संजय पुनामिया को धमकी दी और पूछा कि देवेंद्र फडणवीस ने बिल्डरों से कितनी रकम वसूली है। लक्ष्मीकांत पाटिल ने संजय पुनामिया और सुनील जैन पर एकनाथ शिंदे और देंवेद्र फडणवीस को फंसाने का दबाव डाला। यहां तक कि कैमरे के सामने बयान देने को भी कहा।