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कोई कैंसर पेशेंट, किसी की जान पर बनी, पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ऐसा क्या हुआ था?

पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर प्रोपिलीन गैस से भरा एक टैंकर पलटने के बाद गैस रिसाव होने लगा। इस कारण सड़क लगभग 32 घंटे तक बंद रही और हजारों लोग जाम में फंसे रहे।

Pune-Mumbai Expressway

पुणे–मुंबई एक्सप्रेसवे, Photo Credit- Social Media

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महाराष्ट्र में पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 3 फरवरी को शाम करीब  4:45 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। बोरघाट के पास स्थित अडोशी टनल के करीब एक तेज रफ्तार गैस टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर में बेहद खतरनाक 'प्रोपिलीन' गैस भरी थी जो हादसे के तुरंत बाद लीक होने लगी। खतरा इतना बड़ा था कि पुलिस को सुरक्षा के लिहाज से मुंबई और पुणे दोनों तरफ का ट्रैफिक तुरंत रोकना पड़ा।

 

इसके बाद अगले 32 घंटों तक एक्सप्रेसवे पर भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा। हजारों लोग, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और मरीज भी शामिल थे, पूरी रात और बुधवार के पूरे दिन भूखे-प्यासे गाड़ियों में फंसे रहे। प्रशासन को गैस रिसाव रोकने और टैंकर को खाली करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बुधवार रात करीब 10:30 बजे जाकर गैस ट्रांसफर का काम पूरा हुआ, जिसके बाद एक्सप्रेसवे को धीरे-धीरे खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई।

 

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लोगों ने क्या बताया?

इस जाम में फंसे लोग बहुत ज्यादा परेशान हुए। किसी ने रास्ता बदला तो किसी ने सफर टाल दिया। नवी मुंबई के खारघर से एक युवक अपनी मां को बचाने के लिए बाइक लेकर एक्सप्रेसवे पर पहुंच गया क्योंकि उसकी मां बिना खाने-पानी के 7 घंटे से फंसी हुई थी। वहीं लातूर से एक कैंसर मरीज को लेकर जा रहे लोग भी जाम में फंस गए और समय पर डॉक्टर के पास नहीं पहुंच पाए। 

 

इसके साथ ही कई लोगों ने जब सोशल मीडिया पर भीड़ की खबरें देखीं, तो उन्होंने अपनी जरूरी मीटिंग्स और सफर कैंसिल कर दिए। कुछ लोग ताम्हिणी घाट जैसे लंबे रास्तों से होकर अपनी मंजिल तक पहुंचे।

प्रशासन और कंपनी की लापरवाही

डिजास्टर मैनेजमेंट के अधिकारियों का कहना है कि गैस कंपनी (BPCL) को तुरंत रिस्पॉन्स देना चाहिए था लेकिन उनकी टीम अगले दिन सुबह मौके पर पहुंची, जिससे मामला और खिंच गया। वहीं कंपनी का तर्क है कि उनकी रिकवरी वैन केरल में थी इसलिए देरी हुई।

 

फिलहाल, टैंकर ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि अगर गैस में धमाका हो जाता, तो 2-3 किलोमीटर के दायरे में बड़ी तबाही मच सकती थी।

 

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बस और ट्रेनों पर भी पड़ा असर

इस हादसे की वजह से सरकारी बस सेवा (MSRTC) की करीब 139 बसें कैंसिल करनी पड़ीं और सैकड़ों बसें रास्ते में ही खड़ी रहीं। प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने भी सुरक्षा के लिहाज से सफर रोक दिया। सड़क बंद होने का सीधा असर रेलवे पर दिखा। पुणे से मुंबई जाने वाली डेक्कन क्वीन और इंटरसिटी जैसी ट्रेनों में बुधवार को भारी भीड़ देखी गई क्योंकि सड़क के यात्री ट्रेन की ओर मुड़ गए थे।


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