उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। जिसके मुताबिक अब से राज्य के किसानों को गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'फार्मर रजिस्ट्री ऐप' पर रजिस्टर करने की कोई जरूरत नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले कई किसानों को फार्मर रजिस्ट्री एप के जरिए गेहूं बेचने में दिक्कत आ रही थी क्योंकि कई किसान डिजिटल ऐप की प्रक्रिया नहीं समझ पाते थे जिस वजह से सही समय पर ऐप में रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते थे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने यह घोषणा सोमवार यानी 20 अप्रैल के दिन की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस फैसले को जल्द से जल्द राज्य में लागू कराया जाए। जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी साल किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री लागू कराई थी, जिसमें हर किसान के लिए रजिस्टर करना अनिवार्य था। अब सवाल उठता है कि फार्मर रजिस्ट्री ऐप क्या है। इसके अलावा यह भी सवाल है कि किन कारणों से किसानों को ऐप के जरिए गेहूं बेचने में दिक्कतें आ रही थीं।
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क्या है फार्मर रजिस्ट्री ऐप?
फार्मर रजिस्ट्री एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए राज्य में किसानों की जमीन से लेकर फसल की जानकारी तक देखी जा सकती है। इन जानकारियों के जरिए सरकार किसानों को अनेक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना चाहती थी।
ऐप की वजह से किसानों को क्या दिक्कतें आईं?
फार्मर रजिस्ट्री ऐप की वजह से किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। जैसे आज भी कई गांव-कस्बों में इंटरनेट स्लो चलता है, जिस वजह से किसानों को ऐप में नई योजनाओं के बारे में सही समय पर पता नहीं चल पाता था।
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इसके अलावा कई किसान ऐसे हैं जो डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रक्रिया समझ नहीं पाते थे। और इस समय गेहूं बेचने का सीजन है, जबकि कई किसानों ने फार्मर ऐप पर रजिस्ट्रेशन नहीं किया था इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है। इस फैसले से अब किसान आसान तरीके से गेहूं बेच पाएंगे।