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श्रीनगर में 25 साल बाद हुई ऐसी बर्फबारी, एयरपोर्ट ठप, 11 फ्लाइट्स कैंसिल

श्रीनगर में भारी बर्फबारी के कारण सबसे बड़ा असर हवाई और सड़क यातायात पर पड़ा है। खराब मौसम के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट से करीब 11 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी बर्फबारी 25 सालों में नहीं हुई है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Social Media

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जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। खासकर श्रीनगर में लगातार बर्फबारी ने हवाई सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खराब विजिबिलिटी और रनवे पर जमी बर्फ के कारण सुबह 9 बजे तक की 11 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें इंडिगो की 6, एयर इंडिया एक्सप्रेस की 3 और आकासा एयर की 2 उड़ानें शामिल हैं। लोगों का कहना है कि पिछले 25 सालों में ऐसी बर्फबारी नहीं देखी गई है। 

 

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें, क्योंकि बर्फबारी के कारण उड़ानों में और भी देरी हो सकती है। प्रशासन बर्फ हटाने और जरूरी सेवाओं को बहाल करने में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है।

 

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25 साल का रिकॉर्ड टूटा

मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ों पर भी जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें रनवे और ऑपरेशनल एरिया से बर्फ हटाने के काम में जुटी हैं ताकि विमानों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके। यात्रियों की मदद के लिए इंडिगो और आकासा एयर ने सोशल मीडिया पर अपडेट जारी किए हैं और कैंसिलेशन की स्थिति में रिफंड या दूसरी फ्लाइट चुनने का विकल्प दिया है।

 

कश्मीर घाटी के राजौरी और पीर पंजाल जैसे इलाकों में इस बार कुछ अलग ही नजारा दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पिछले 25 वर्षों में ऐसी भारी बर्फबारी नहीं देखी है। जहां एक ओर पर्यटक इस नजारे का लुत्फ उठा रहे हैं, वहीं आम लोगों के लिए बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बहाल करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

नेशनल हाईवे अभी भी बंद

श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे तीसरे दिन भी बंद है। इस कारण उधमपुर और अन्य इलाकों में सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि हाईवे को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है और अगले कुछ घंटों में गाड़ियों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।

 

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद हालात का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि बर्फबारी से कुछ दिक्कतें हुई हैं लेकिन सरकार इससे निपटने के लिए तैयार है। वहीं, राजौरी के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा ने बताया कि थन्नामंडी और कोटरंका जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई को दोबारा चालू करने पर काम किया जा रहा है।

 

मौसम विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर में आज के लिए तेज हवाओं, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजौरी के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी की वजह से कोटरंका में आज रात तक बिजली बहाल होने की उम्मीद जताई गई है।

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