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'या मुझे गिरफ्तार करो या नेताओं को छोड़ो', थाने में धरने पर बैठीं सांसद इकरा हसन

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कैराना से सपा सांसद इकरा हसन सदर बाजार थाने के भीतर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान थाने की बिजली चली गई, जिससे इलाके में अंधेरा छा गया।

Iqra Hasan protest at Saharanpur police station

धरने पर बैठीं सांसद इकरा हसन, Photo Credit: Social Media

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंगलवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी (SP) की कैराना सांसद इकरा हसन ने सदर बाजार पुलिस स्टेशन पर धरना दिया। सांसद ने पुलिस पर पार्टी नेताओं को गलत तरीके से गिरफ्तार करने का आरोप लगाया और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की। जिस पुलिस स्टेशन में इकरा हसन बैठी थीं, वहां की बिजली भी चली गई, जिससे इलाका अंधेरे में डूब गया।

 

धरने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और समर्थक थाने पहुंच गए, जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस के अनुसार पूर्व राज्यमंत्री और SP नेता मांगेराम कश्यप समेत पांच लोगों को शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही इकरा हसन थाने पहुंचीं और वहीं धरने पर बैठ गईं। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, 'या तो मुझे भी गिरफ्तार करो या फिर हमारे नेताओं को छोड़ो।'

 

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इकरा हसन ने देर रात अपना धरना खत्म कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में बंद पांच लोगों को बेल मिल गई है। पुलिस स्टेशन से निकलने के बाद सांसद ने कहा, 'यह पीड़िता कोई मुस्लिम महिला नहीं थी, बल्कि हिंदू-कश्यप समाज की थी और हमेशा BJP को वोट देते आए हैं, सरकार उन्हें भी परेशान करती है।'

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

धरने के दौरान इकरा हसन ने आरोप लगाया कि आम लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उन्हें ही परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, उन्हें बेवजह हिरासत में लिया जा रहा है। इस दौरान सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। बताया जा रहा है कि एसपी व्योम बिंदल और एएसपी मनोज यादव के साथ उनकी लंबी बातचीत और बहस चली। मौके पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

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यह विवाद कैसे शुरू हुआ?

मंगलवार दोपहर को इकरा हसन जसाला गांव की एक बुजुर्ग महिला के साथ सहारनपुर में DIG कार्यालय पहुंची थीं। महिला ने अपने बेटे की कथित हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी। सांसद का आरोप है कि DIG ने महिला की बात सुनने के बावजूद उसकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इकरा हसन ने दावा किया कि बातचीत के दौरान DIG कार्यालय से बाहर चले गए, जिससे महिला भावुक हो गई और कार्यालय परिसर से बाहर निकल आई।

 

सांसद के मुताबिक वह कार्यालय के बाहर पार्किंग क्षेत्र में दूसरा आवेदन तैयार कर रही थीं, तभी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए और ट्रैफिक बाधित करने का आरोप लगाने लगे। इकरा हसन ने कहा कि उनकी गाड़ी निर्धारित पार्किंग लाइन के भीतर खड़ी थी और उनके पास इसका वीडियो सबूत भी मौजूद है। पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए मंगेराम कश्यप समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया। देर शाम तक थाने परिसर में धरना जारी रहा और बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता वहां डटे रहे।


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