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रामबन में कुदरत का कोहराम, इमारतें ढही, सैकड़ों बेघर; 3 की मौत

रामबन में भारी बारिश और भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गया है। आपदा के कारण सैकड़ों लोग बेघर हो गए। पढ़ें लेटेस्ट अपडेट्स।

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रामबन मौसम, Photo Credit: PTI

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जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के धर्मकुंड और सेरी बागना में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। मूसलाधार बारिश , ओला और तेज हवाओं के कारण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन हुए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई जिनमें दो बच्चे शामिल हैं। पिछले दो दिनों में जम्मू क्षेत्र में बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल 5 लोगों की जान गई। बादल फटने से 250 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए और 10 घर पूरी तरह से बर्बाद हो गए। कई वाहन मलबे में दबे या बह गए। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) नशरी और बनिहाल के बीच कई जगहों पर भूस्खलन और मलबे के कारण बंद है जिससे सैकड़ों यात्री फंसे रहे। 

 

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100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया

100 से अधिक लोगों को पुलिस, SDRF, NDRF और जिला आपदा प्रबंधन टीमों ने सुरक्षित निकाला। धर्मकुंड में 45 परिवारों को स्कूल और पुलिस स्टेशन में शिफ्ट किया गया। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा भी की। भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण रामबन जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और तकनीकी शिक्षण संस्थान 21 अप्रैल को बंद रहेंगे। उपायुक्त बसील-उल हक चौधरी ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। 

स्कूल-कॉलेज बंद

शिक्षा मंत्री सकीना इट्टु ने खराब मौसम के चलते कश्मीर घाटी के सभी स्कूलों में 21 अप्रैल को क्लास संस्पेंड कर दी गई। कश्मीर घाटी में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की उम्मीद है। रामबन और अन्य मैदानी क्षेत्रों में हल्की और छिटपुट बारिश की संभावना है। रामबन, किश्तवाड़ और डोडा जैसे जिलों में बादल फटने, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा अभी भी बना हुआ है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रामबन में नुकसान पर दुख जताया और तत्काल बचाव कार्यों का आश्वासन दिया। उन्होंने लोगों से यात्रा सलाह का पालन करने और गैर-जरूरी आवाजाही से बचने को भी कहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का वादा किया है। 

 

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मलबा हटाने का काम जारी

सीमा सड़क संगठन (BRO) और NHAI मलबा हटाने और NH-44 को खोलने में जुटे हैं लेकिन बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण काम धीमा है। प्रशासन ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों (जम्मू-पुंछ रोड, जहां संभव हो) का उपयोग करने की सलाह दी। इस समय जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग (NH-44) और स्थानीय सड़कों पर यात्रा से बचें। सड़क की स्थिति के लिए रामबन पुलिस (PCR: 9596767430) या BRO से संपर्क करें। 


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