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पहले उद्धव ठाकरे, अब एकनाथ शिंदे के साथ आ गए राज ठाकरे, क्या BJP है निशाना?

क्लयाण डोंबिवली में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना एक साथ आ गए हैं। MNS के पांच पार्षदों ने शिवसेना को समर्थन दे दिया है।

Eknath shinde and Raj Thakre

एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे, Photo Credit:

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महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब कई नगर निकायों में मेयर की कुर्सी के लिए पार्टियों में लड़ाई शुरू हो गई है। कई निकायों में स्पष्ट बहुमत ना मिलने के कारण स्थिति साफ नहीं हो पाई है। कल्याण डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है लेकिन भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच अभी मेयर पद के लिए लड़ाई जारी है। इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना ने क्लयाण डोंबिवली में चुनाव बाद गठबंधन कर लिया है। 

 

MNS और शिवसेना के गठबंधन की औपचारिक घोषणा भी कर दी गई है। MNS के पूर्व विधायक राजू पाटिल ने पार्टी की ओर से इस गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया। इससे पहले शिवसेना के 53 पार्षद कमिश्नर के ऑफिस में पहुंचे थे। उसी समय MNS के पांच पार्षद भी वहां पहुंचे। दोनों गुटों ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गठबंधन का ऐलान कर दिया। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दो विरोधी पार्टियों ने हाथ मिला लिया है। पिछले एक दशक में महाराष्ट्र में इस तरह के कई उदाहरण मिले हैं। 

 

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आंकड़ों की गेम समझिए

हाल ही में हुए चुनावों में क्लयाण डोंबिवली की 122 सीटों पर शिवसेना (शिंदे गुट) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। शिवसेना को 53 सीटें मिली और बीजेपी को 50 सीट पर जीत मिली। शिवसेना यूबीटी को 11 और राज ठाकरे की पार्टी को 5 सीटें मिली हैं। मेयर पद पर जीत दर्ज करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 62 पार्षदों का समर्थन चाहिए। MNS के पांच पार्षदों के समर्थन से शिवसेना के पास अब कुल 58 पार्षदों का समर्थन है। 

बीजेपी के बिना बनेगा मेयर?

शिवसेना के पास भले ही अब 58 पार्षदों का समर्थन हो लेकिन बहुमत से अभी भी दूर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के 11 पार्षदों में से कुछ पार्षद शिवसेना के संपर्क में हैं और वे पाला बदल सकते हैं। 

 

बीजेपी मेयर पद के लिए ढाई-ढाई साल के कार्यकाल की बात कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवसेना बीजेपी के समर्थन के बिना मेयर बनाने की कोशिश कर सकती है या फिर बीजेपी के साथ मेयर पद पर बात करने के लिए शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी के बिना मेयर बनाने के लिए शिवसेना को 4 और पार्षदों का समर्थन चाहिए। 

 

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क्या बोले श्रीकांत शिंदे?

MNS के पार्षदों ने शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे से मुलाकात के बाद इस गठबंधन को अंतिम रूप दिया। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि MNS  ने शिवसेना (शिंदे) को सपोर्ट किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी विकास के लिए साथ आएगा, हम उसे साथ लेकर चलेंगे।

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