यूपी के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के नौबस्ता इलाके में रविवार सुबह एक 50 साल के दवा कारोबारी ने अपने घर पर अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों का गला रेत कर हत्या कर दी। दोनों बच्चियां 5वीं क्लास में पढ़ाई कर रही थीं। घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब मां सुबह उठी और अपनी बेटियों को बेड पर खून से लथपथ मृत पाया।
आरोपी पिता का नाम शशि रंजन मिश्रा है। बेटियों की हत्या करने के बाद शशि रंजन मिश्रा ने सुबह करीब 4.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके खुद हत्या की बात कबूल कर ली। शशि रंजन मिश्रा ने साल 2014 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली रेशमा से शादी की थी। रेशमा काम के सिलसिले में कानपुर आ गई थी।
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किराए के फ्लैट रहता था परिवार
परिवार में शशि और रेशमा के अलावा दो बेटियां और एक छोटा बेटा था। परिवार किदवई नगर के एक किराए के फ्लैट में रहता था। वह अपने छह साल के बेटे के साथ एक अलग कमरे में सोती थी जबकि उसका पति जुड़वां बेटियों के साथ दूसरे कमरे में रहता था।
पत्नी पर करता था शक
किसी समय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) रहा शशि मिश्रा ने कुछ साल पहले अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ दी थी लेकिन हाल ही में वे बेरोजगार हो गया था। पहले एक ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली रेशमा भी फिलहाल बेरोजगार थीं। रेशमा ने बताया कि सालों से उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण होता जा रहा था। शशि मिश्रा का शक बढ़ता जा रहा था और वह उन पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए पूरे घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा चुका था।
शशि मिश्रा शराब पीता था, नींद की गोलियां खाता था और विशेष रूप से अपनी मां की मौत के बाद से अवसाद से जूझ रहा था। रेशमा ने पुलिस को बताया, 'शशि मिश्रा ने पहले कहा था कि वह अपनी जान दे देगा और उसने बच्चों के साथ मरने की बात भी कही थी।'
घटना वाली रात क्या हुआ?
घटना वाली रात, शशि मिश्रा अपनी बेटियों को अपने कमरे में ले गया। रेशमा ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ सो गई। सीसीटीवी फुटेज में बाद में मिश्रा को रात करीब ढाई बजे एक बच्ची को शौचालय ले जाते और वापस आते हुए देखा गया, जिससे पता चला कि उस समय दोनों बच्चियां जीवित थीं। इसके बाद क्या हुआ, यह घटनाक्रम का सबसे भयावह पहलू है।
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वारदात को कैसे अंजाम दिया?
पुलिस ने बताया कि शशि मिश्रा ने कबूल किया कि उसने बच्चों के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं, जिससे वे बेहोश हो गईं और फिर उसने उनका गला घोंट दिया और बाद में एक दिन पहले खरीदे गए चाकू से उनका गला रेत दिया। जांचकर्ताओं ने पाया कि संघर्ष के कोई निशान नहीं थे, जिससे यह संदेह और पुख्ता हो गया कि हमले से पहले बच्चियां बेहोश थीं। शशि मिश्रा ने खुद तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस को फोन किया और पुलिस के पहुंचने पर वह फ्लैट के अंदर ही रहा।
रेशमा ने बताया कि पुलिस के तड़के उनके घर पहुंचने तक उन्हें हत्याओं की कोई जानकारी नहीं थी। उसने पुलिस को बताया, 'मैं सो रही थी। मुझे पता ही नहीं चला कि यह कब हुआ।' रेशमा के इस बयान के आधार पर नौबस्ता थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हत्या का मकसद अब तक स्पष्ट नहीं है हालांकि मिश्रा ने अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता को इसका कारण बताया है। पुलिस मानसिक तनाव, अवसाद और आर्थिक तंगी को हत्या के संभावित कारण मानकर जांच कर रही है।