उत्तर प्रदेश के कानपुर के ग्वालटोली इलाके में 8 फरवरी को एक बड़ा हादसा हुआ। तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार ने सड़क पर कई लोगों को टक्कर मार दी। कार ने पहले सड़क किनारे खड़े ऑटो और बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद वह फुटपाथ पर चढ़ गई और वहां पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था लेकिन जांच के बाद पता चला कि शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहा था। अब पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हालांकि, शिवम के परिवार और उनके वकील का दावा कुछ और ही है। वकील का कहना है कि कार ड्राइवर मोहन लाल चला रहा था। शिवम की तबीयत खराब होने की वजह से यह हादसा हुआ। इस टक्कर में तौफीक अहमद नाम के व्यक्ति का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि विशाल और सोनू त्रिपाठी नाम के दो युवक भी घायल हुए हैं।
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पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि कार शिवम ही चला रहा था। पुलिस को कुछ ऐसे वीडियो मिले हैं जिनमें हादसे के बाद सुरक्षाकर्मी शिवम को कार की ड्राइवर सीट से बाहर निकालते दिख रहे हैं।
पुलिस ने यह कहा है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों की गवाही से साफ है कि गाड़ी शिवम ही चला रहा था। पुलिस ने यह भी कहा कि वह जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने वाली है।
परिवार की दलील
शिवम के पिता के.के. मिश्रा का कहना है कि उनके बेटे को चक्कर आ गया था, जिसके बाद ड्राइवर ने ब्रेक लगाया था। ब्रेक लगाने के बाद पीछे से एक टेंपो ने गाड़ी को टक्कर मार दी। उनके मुताबिक, ड्राइवर मोहन लाल ने कोर्ट में हलफनामा देकर खुद को दोषी बताया है।
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परिवार पर आरोप है कि कारोबारी के सुरक्षाकर्मियों ने दो दिनों तक पुलिस को जांच के लिए घर में घुसने नहीं दिया। फिलहाल शिवम दिल्ली में अपना इलाज करवा रहा है और अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ है।