logo

मूड

ट्रेंडिंग:

कर्नाटक में होटल, रेस्टोरेंट पर प्रशासन सख्त, धरपकड़ जारी

कर्नाटक में होटल, रेस्टोरेंट में प्रशासन इस बात की जांच कर रही है कि इडली बनाने के लिए कहीं प्लास्टिक का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा है।

Representational Image । Photo Credit: AI Generated

प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: AI Generated

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

कर्नाटक में इडली बनाने में प्लास्टिक शीट का उपयोग करने वाले आउटलेट्स पर हेल्थ सेफ्टी अधिकारियों की धरपकड़ जारी है। अब तक 254 आउटलेट्स की जांच की जा चुकी है और 24 को नोटिस जारी किया जा चुका है।

 

कमिश्नरेट ऑफ फूड सेफ्टी एंड ड्रग ने पूरे राज्य में सभी होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट वेंडर की जांच किए जाने का आदेश जारी किया था। लोगों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद 14 फरवरी को इसके लिए आदेश जारी किए गए थे.

 

यह भी पढ़ें: 5 साल में 19.43% से 9.35% खिसका BSP का वोट, कांग्रेस उम्मीद में क्यों?

होता है स्वास्थ्य को नुकसान

प्लास्टिक का प्रयोग करके तेज तापमान पर खाद्य पदार्थों को पकाने से स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचता है। शहर में होटल का व्यवसाय करने वालों ने कहा कि कुछ ही लोग प्लास्टिक शीट्स का उपयोग कर रहे हैं जबकि ज्यादातर लोग कपड़े, केले के पत्तों या नॉन स्टिक बर्तनों का प्रयोग करते हैं।

 

इडली बनाते वक्त उच्च तापमान के कराण प्लास्टिक शीट्स का प्रयोग करने से जहरीले केमिकल्स रिलीज होते हैं। कुकिंग के लिए प्लास्टिक पर रोक है क्योंकि हीट की वजह से फ्री रेडिकल्स निकलते हैं जो कि स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।

 

यह भी पढ़ें: दिल्ली की महिला CM से BJP को देश में क्या फायदा होगा? समझिए

 

'कम लोग ही करते हैं उपयोग'

बृहत बेंगलोर होटल एसोसिएशन (बीबीएचए) के प्रेसीडेंट सुब्रमण्यम होला ने मीडिया को बताया, 'कुछ थोड़ से होटल प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं वहीं 90 प्रतिशत होटल इसका उपयोग करना छोड़ चुके हैं और ज्यादातर लोग तो नॉन-स्टिक बर्तनों का प्रयोग कर रहे हैं।'

 

इन प्लास्टिक केमिकल्स की वजह से हार्मोनल बैलेंस खराब होता है जिससे रिप्रोडक्टिव समस्याएं, शारीरिक वृद्धि से संबंधित समस्याएं और कैंसर की समस्याएं पैदा होती हैं।

जब प्लास्टिक की शीट का प्रयोग करके खाना पकाया जाता है जो नुकसानदायक रेडिकल्स शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर देते हैं।

 

यह भी पढ़ें: भारत को 21 मिलियन डॉलर फंडिंग पर अब क्या बोल गए ट्रंप?

 


और पढ़ें