आमतौर पर उत्तराखंड शांत रहता है, लेकिन इन दिनों पहाड़ी राज्य माहौल गर्म हो गया है। यहां के पौड़ी जिले के कोटद्वार शहर में एक समुदाय विशेष की दुकान के नाम को लेकर विरोध से उपजे बवाल के बाद पुलिस ने रविवार को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए तीन FIR दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक एफआईआर पुलिस की ओर से शांति व्यवस्था भंग करने वाले 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। इन्हीं अज्ञात लोगों ने बवाल की शुरुआत की थी। दूसरी एफआईआर कोटद्वार के रहने वाले वकील अहमद और तीसरी एफआईआर एक अन्य स्थानीय नागरिक कमल प्रसाद ने दर्ज करवाई है।
पुलिस ने बताया कि कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित 'बाबा ड्रेस दुकान' की दुकान पर दो दिन पहले हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विवाद किया था। इस दौरान वहां मौजूद दीपक कुमार नाम के युवक ने कार्यकर्ताओं से बहस करके उन्हें वहां से जाने पर मजबूर कर दिया था। इस विवाद के बाद ही सौकड़ों हिन्दू कार्यकर्ता शनिवार को बाबा ड्रेस और जिम संचालक दीपक कुमार के जिम पर प्रदर्शन करने आए थे।
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सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश
पुलिस ने बताया कि इस दौरान, उनके कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दिया और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का इस्तेमाल करके सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरियर हटाकर उग्र नारेबाजी और गाली-गलौच करते हुए सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया। लगभग 30–40 अज्ञात लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करके सरकारी कार्य में बाधा डाली। पुलिस ने बताया कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हुआ। इस बवाल के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस कोतवाली कोटद्वार में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।
दीपक कुमार और साथियों पर केस
पुलिस ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि एक अन्य मामला कोटद्वार निवासी वकील अहमद की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 333, 351(2), 352 के तहत किया गया है। तीसरा मामला कमल पाल की तहरीर पर जिम संचालक दीपक उर्फ अक्की, विजय रावत एवं उनके साथियों के खिलाफ गाली-गलौच करते हुए जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की नीयत से हमला करने के संबंध में दर्ज किया गया है।
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पूरा मामला समझें
हालांकि, पुलिस दो पक्षों के बीच उत्पन्न आपसी विवाद की स्थिति को प्रशासन द्वारा गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच कर रही है। पिछले काफी समय से कोटद्वार में कपड़ों की दुकान 'बाबा ड्रेस' के नाम को लेकर विवाद चल रहा था, जहां बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता, दुकान मालिक मोहम्मद शोएब पर दुकान का नाम बदलने का दवाब डाल रहे थे। बताया जा रहा है कि तकरीबन दो-ढाई महीने पहले बजरंग दल ने दुकान के नाम से कोटद्वार के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर 'सिद्धबली बाबा' का भ्रम होने का आरोप लगाते हुए दुकान मालिक से दुकान का नाम बदलने को कहा था। हालांकि, तब दुकान मालिक ने कथित तौर पर अपनी दुकान नई जगह पर स्थानांतरित करने के बाद नाम बदलने का भरोसा दिलाया था।
मोहम्मद दीपक नाम बताया था
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 10-15 दिन पहले दुकान को 30-40 मीटर दूर नई जगह पर स्थानांतरित किए जाने के बाद बजरंग दल ने नाम को लेकर फिर विरोध जता दिया। उन्होंने बताया कि बुधवार को दुकान के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे दल के कार्यकताओं की बुजुर्ग शोएब और उसके जिम संचालक दोस्त दीपक कुमार से झड़प और मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि इस दौरान, दीपक कुमार ने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को वहां से जाने को मजबूर कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक बार फिर शनिवार को बजरंग दल के गौरक्षा दल के प्रांत प्रमुख नरेश उनियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता दुकान पर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए थे। हालांकि, पुलिस की फुर्ती दिखाते हुए विवाद को टाल दिया था। इसके बाद पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ कोटद्वार नगर क्षेत्र में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च किया।