logo

मूड

ट्रेंडिंग:

मॉल और पेट्रोल पंप पर भी मिलेगी शराब, देश के इस शहर में मिली मंजूरी

चंडीगढ़ में ई-नीलामी के तहत 93 शराब ठेकों की बोली संपन्न हो चुकी है। प्रशासन को आरक्षित मूल्य से 28 फीसद अधिक धनराशि मिली है। अब प्रशासन का फोकस राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ सुविधा को बेहतर बनाने पर है।

Chandigarh News

प्रतीकात्मक फोटो। (AI Generated Image)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

चंडीगढ़ में ठेके के अलावा मॉल, मार्केट, पेट्रोल पंप और डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी शराब मिल सकेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी दे दी है। शराब की दुकानों पर ऑनलाइन भुगतान को भी अनिवार्य बनाया गया है। प्रशासन के इस कदम से लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। पीओएस मशीन और कार्ड के माध्यम से भी भुगतान हो सकेगा।

 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से नियमों में सुधार किया है। अब स्थानीय बाजार, शॉपिंग मॉल और पेट्रोल पंप के अलावा डिपार्टमेंटल स्टोर भी बीयर और विदेशी शराब बेच सकेंगे। हालांकि सभी को आवश्यक लाइसेंस हासिल करना होगा। वहीं रेस्तरां, होटल और बार को अपने यहां अल्कोहल टेस्टिंग मशीन लगानी होगी, ताकि यहां उपभोक्ता अपने शराब के स्तर की जांच कर सकें। 

 

यह भी पढ़ें: 'बैलगाड़ी में चलना पड़ेगा', ममता बनर्जी ने ईंधन संकट पर केंद्र को घेरा

दो चरणों में हुई शराब ठेकों की नीलामी

चंडीगढ़ प्रशासन ने आबकारी नीति 2026-27 के तहत दो चरणों में ई-नीलामी आयोजित की। 19 मार्च को पहले चरण में 82 दुकानों की नीलामी में 487.68 करोड़ रुपये की धनराशि मिली। यह आरक्षित राशि 376.24 करोड़ रुपये से करीब 29 फीसद अधिक है। वहीं सहभागिता शुल्क के तौर पर 3.90 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई।

 

यह भी पढ़ें: कहीं हफ्ते में 1 दिन तो कहीं QR से मिल रहा तेल; दुनियाभर में कैसे हैं हालात?

करीब 28 फीसद बढ़ा राजस्व

दूसरे चरण की नीलामी में 11 खुदरा शराब की दुकानों को बोली लगाई गई। प्रशासन को आरक्षित मूल्य 53.94 करोड़ से 15.64% से ज्यादा यानी कुल 62.38 करोड़ रुपये की राशि मिली। सहभागिता शुल्क के तौर पर 38 लाख रुपये मिले। दोनों चरणों में 93 शराब की दुकानों की बोली से कुल 550.06 करोड़ रुपये राशि मिली। यह रकम संयुक्त आरक्षित मूल्य 430.18 करोड़ रुपये से 28 फीसद ज्यादा है। अगर भागीदारी शुल्क की बात करें तो चंडीगढ़ प्रशासन ने कुल 4.28 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई है।

Related Topic:#Chandigarh

और पढ़ें