मध्य प्रदेश के बालाघाट में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा के दौरान कुछ पुलिसवालों पर कार्रवाई हो गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंस पर हो रही इस मीटिंग में हंसने और पान चबाने पर दो ASI को सस्पेंड कर दिया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान हंसने और पान चबाने को एसपी आदित्य मिश्रा ने अनुशासनहीनता माना और सख्त रुख अपनाया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, समीक्षा बैठक के दौरान एएसआई रामकिशोर राहंगडाले वीडियो कॉन्फ्रेंस में हंसते नजर आए। वहीं, कटंगी थाना के कार्यवाहक एएसआई पेंढारीलाल अहाके पान चबाते दिखाई दिए। जब एसपी ने दोनों से सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के बारे में सवाल किए, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसी वजह से उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
हंसने पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि थाना कोतवाली से उप निरीक्षक संजय किरार से एक लंबित शिकायत के संबंध में जानकारी ली जा रही थी। इस दौरान इस दौरान ASI रामकिशोर रहांगडाले बार-बार हंस रहे थे। मीटिंग के बीच ही जब उनसे उनके व्यवहार के बारे में पूछा गया, तो वह ठीक से जवाब नहीं दे सके। रामकिशोर रहांगडाले को अब रक्षित केंद्र बालाघाट से अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
तीन थाना इंचार्ज पर भी हुई कार्रवाई
इस मीटिंग में तीन थाना इंचार्ज को भी सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में कोतवाली थाना इंचार्ज कामेश धुमकेती, ग्रामीण थाना इंचार्ज अमित अग्रवाल और रामपायली थाना इंचार्ज दिलीप मौर्य का नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनके खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों पर उचित कार्रवाई करने में देरी करने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
क्या बोले एसपी?
इस पूरे घटनाक्रम पर बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि यह सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं बल्कि असंवेदनशीलता को दिखाता है। वीडियो कॉन्फ्रेंस सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों से जुड़ी हुई थी। एक अधिकारी अपने स्टेशन इंचार्ज के साथ बैठा था और हंस रहा था। जब उनसे केस के बारे में पूछा गया तो उन्हें कोई भी जानकारी नहीं थी। एसपी ने बच्चों के गुम होने की शिकायतों के संबंध में दूसरे अधिकारी से पूछा लेकिन वह उसके बारे में कुछ नहीं बता पाया। उन्होंने बताया की इसी लापरवाही की वजह से कार्रवाई की गई।