महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि सत्ताधारी महायुति को साफ बढ़त मिली है, जो 214 स्थानीय निकायों में आगे चल रही है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी 118 निकायों में और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 59 निकायों में आगे है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 37 निकायों में आगे है। विपक्षी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) फिलहाल 49 निकायों में आगे है, जिसमें कांग्रेस 32 सीटों पर आगे है। 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 253 में वोटों की गिनती जारी है, जबकि बाकी निकायों के नतीजों का इंतजार है।
BJP पहले ही तीन सीटें निर्विरोध जीत चुकी है, जिसमें डोंडाइचा नगर परिषद (धुले) और अंगार नगर पंचायत (सोलापुर) के सदस्य और अध्यक्ष बिना किसी मुकाबले के चुने गए, जबकि जम्मर नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव में भी कोई विरोध नहीं हुआ।
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कुल मिलाकर, ये रुझान नगर निकाय चुनावों में महायुति के लिए एक मजबूत शुरुआती प्रदर्शन की ओर इशारा करते हैं।
ये नतीजे 2 दिसंबर और 21 दिसंबर को हुए दो चरणों के नगर निकाय चुनावों का अंतिम परिणाम होंगे। उम्मीद है कि ये नतीजे जमीनी स्तर पर सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के बीच शक्ति संतुलन की शुरुआती तस्वीर पेश करेंगे।
कई इलाकों में मुकाबला बहुआयामी हो गया, जिसमें गठबंधन की राजनीति स्थानीय प्रतिद्वंद्विता से मिल गई। कई कस्बों में, 'दोस्ताना मुकाबले' देखने को मिले, क्योंकि सत्ताधारी महायुति की साझेदार भारतीय जनता पार्टी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे।
चुनाव कितनी सीटों पर हो रहे हैं?
महाराष्ट्र में 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए चुनाव हुए। चुनाव की मतगणना रविवार को हो रही है। राज्य के अलग-अलग केंद्रों पर सुबह 10 बजे से ही वोट गिने जा रहे हैं।
कितनी वोटिंग हुई थी?
2 दिसंबर को 263 स्थानीय निकायों के लिए हुए पहले चरण की वोटिंग 67.3 प्रतिशत हुई थी, वहीं, शनिवार को 23 निकायों के लिए हुए दूसरे चरण के मतदान में 47.04 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। मतदान के अंतिम आंकड़े रविवार शाम तक जारी होंगे।
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कहां निर्विरोध ही हो गया चुनाव?
धुले की दोंडाईचा नगर परिषद और सोलापुर की अंगार नगर पंचायत में अध्यक्ष और सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हो चुका है। इसके अलावा जामनेर नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए भी कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं था।
यह चुनाव दिलचस्प क्यों है?
निकाय चुनाव में क्षेत्रीय दलों ने आपस में गठबंधन किया है। कई बेमेल गठबंधन देखने को मिल रहे हैं। कहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना, उद्धव की शिवसेना के साथ है, कहीं कांग्रेस और एनसीपी (अजीत पवार) साथ हैं। कई जगहों पर सत्तारूढ़ गठबंधन के दल आपस में लड़ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की टिकटों पर आपस में उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। बीजेपी की अगुवाई वाली 'महायुति' और विपक्षी 'महा विकास आघाडी' के बीच सीधी भिड़ंत के साथ-साथ कई सीटों पर 'फ्रैंडली फाइट' भी हो रही है।