तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने नोएडा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि फर्जी चैट के मामले में आरोपी को भागने में नोएडा पुलिस ने मदद की। यह मामला महुआ मोइत्रा और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच कथित चैट के फर्जी स्क्रीनशॉट से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट किया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए वेस्ट बंगाल पुलिस नोएडा गई थी, लेकिन नोएडा पुलिस ने आरोपी को भागने में मदद की। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक व्यक्ति फोन पर बात करते हुए कह रहा है कि पुलिस उसके घर आई है। महुआ ने लिखा, ‘अमित मालवीय को आरोपी कॉल करता है... फिर नोएडा पुलिस ने वेस्ट बंगाल पुलिस को थाने ले जाकर आरोपी को भागने दिया। झूठ बोलना बंद करो।’
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आरोपों का खंडन
नोएडा पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि वे वेस्ट बंगाल पुलिस की पूरी मदद कर रहे थे। आरोपी सुरजीत दासगुप्ता का पता पता करने के बाद दोनों पुलिस टीमें लोटस पनाचे सोसाइटी में गईं। लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। उसकी पत्नी को नोटिस दिया गया और आसपास के इलाके की तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर महुआ मोइत्रा और प्रशांत किशोर के बीच कथित प्राइवेट चैट के स्क्रीनशॉट वायरल हुए। महुआ ने इन्हें पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ शिकायत की और कहा कि फेक कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर और कानूनी कार्रवाई होगी।
क्या था मामला?
कुछ दिन पहले एक्स पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ था, जिसमें महुआ मोइत्रा और प्रशांत किशोर के बीच कथित व्हाट्सएप चैट दिखाई गई। महुआ ने इसे फेक करार दिया और 5 फरवरी को कई हैंडल्स की लिस्ट शेयर कर चेतावनी दी। 7 फरवरी को उन्होंने नदिया जिले के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की। फॉरेंसिक जांच में चैट फर्जी पाई गई।
आरोपी सुरजीत दासगुप्ता कथित तौर पर एक न्यूज पोर्टल चलाते हैं और तथित तौर पर बीजेपी से जुड़े बताए जाते हैं। नोटिस जारी होने के बाद भी आरोपी नहीं आया, तो नदिया कोर्ट से नॉन-बेलेबल वारंट निकला। वेस्ट बंगाल पुलिस की टीम 10 या 11 फरवरी को नोएडा पहुंची और नोएडा पुलिस के साथ मिलकर घर पर छापा मारा, लेकिन आरोपी नहीं मिला।
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वेस्ट बंगाल पुलिस का दावा है कि नोएडा पुलिस ने दखल देकर उन्हें थाने ले जाकर देरी की, जिससे आरोपी भाग गया। वहीं नोएडा पुलिस कहती है कि आरोपी पहले से ही घर पर नहीं था। महुआ मोइत्रा ने अमित मालवीय (बीजेपी आईटी सेल प्रमुख) का नाम लिया और वीडियो शेयर किया, जिसमें आरोपी उन्हें कॉल करता दिख रहा है।